राज्य आपदा मोचक निधि और आयुष्मान भारत योजना से मिली संजीवनी, जांच के तुरंत बाद डीएम ने खुद कार्यालय बुलाकर सौंपा लाभ

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अधिकारियों को सख्त हिदायत: शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण, जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी श्री अजय कुमार द्विवेदी के जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो रहा है। प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण तब देखने को मिला जब अतिवृष्टि से अपना कच्चा मकान खो चुकी तहसील सदर की एक महिला को ’’राज्य आपदा मोचक निधि’’ से तत्काल 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही, असाध्य रोगों से जूझ रहे 4 मरीजों की त्वरित पात्रता जांच कराकर उन्हें इलाज के लिए ’’आयुष्मान भारत योजना’’ के तहत आयुष्मान कार्ड सौंपे गए। इस त्वरित कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

बारिश से उजड़ा आशियाना, आपदा निधि से मिला सहारा
तहसील सदर के ग्राम खौद के मझरा की रहने वाली श्रीमती लादो का कच्चा आवासीय मकान भारी बारिश (अतिवृष्टि) के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। बेघर हो चुकीं श्रीमती लादो अपनी यह पीड़ा लेकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। डीएम ने मामले की गंभीरता को तुरंत भांपते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थलीय जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। जांच आख्या में नुकसान की पुष्टि होने के बाद, बिना किसी लालफीताशाही के जिलाधिकारी ने श्रीमती लादो को अपने कार्यालय बुलाया और ’’राज्य आपदा मोचक निधि’’ के तहत 1.20 लाख रुपये की सम्मानजनक राहत राशि प्रदान की। इस त्वरित मदद के लिए महिला ने भरे गले से प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

बीमारी से जंग में ’’आयुष्मान योजना’’ बनी ढाल
जनता दर्शन सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी त्वरित राहत सुनिश्चित की गई। विगत दिनों आयोजित जनता दर्शन में तहसील स्वार, मिलक और सदर क्षेत्र से आए चार गंभीर रूप से बीमार फरियादियों: श्रीमती हसरून जहां, श्री मदनपाल, श्रीमती चमेली और श्रीमती पूनम ने महंगे इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के जरिए तुरंत इन सभी की पात्रता की जांच कराई। सभी के पात्र पाए जाने पर डीएम ने उन्हें दूरभाष के माध्यम से सूचना देकर बुलवाया और ’’आयुष्मान भारत योजना’’ (प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना) के अंतर्गत मौके पर ही आयुष्मान कार्ड प्रदान किए, ताकि उनके मुफ्त और बेहतर इलाज का रास्ता साफ हो सके।

पात्रों को न काटने पड़ें चक्कर, अधिकारियों को सख्त निर्देश
फरियादियों को राहत बांटने के साथ-साथ जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अमले को कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दर्शन में आने वाली हर शिकायत का मौके पर जाकर मुआयना किया जाए और नियमानुसार उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि किसी भी पात्र व्यक्ति को बेवजह दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े या अधिकारियों के स्तर पर कोई भी हीलाहवाली या लापरवाही बरती गई, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

निःशुल्क प्रकाशनार्थ
जिला सूचना अधिकारी, रामपुर।

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