Month: November 2024

लखीमपुर खीरी में परशुराम चौराहे का पूजा अर्चना व उदघाटन किया गया।

बहुआयामी समाचार लखीमपुर खीरी रिपोर्टर संदीप कुमार लखीमपुर खीरी में आज दिनांक 11/11/2024 दिन सोमवार को ब्राह्मण महासभा के संस्थापक राघव राम तिवारी जिला अध्यक्ष एन के मिश्रा महामंत्री कुमुदेश…

108 कुण्डीय मां पीतांबरा महायज्ञ में भक्तों की उमड़ती भीड़

बिधूना -औरैया – कुछ दिनों पूर्व 3 नवंबर से शुरू 108 कुण्डीय मां पीतांबरा महायज्ञ लगातार चल रहा है , जहां पर भक्तों का तांता कम होता नहीं दिखाई दे…

लखीमपुर बेहजम मार्ग खड़ी डीसीएम से टकराई बाइक दो लोगो की मौत एक घायल

बहु आयामी समाचार संवाददाता मोहम्मदी जिला खीरी मोहम्मद आमिर 11 नवंबर लखीमपुर खीरी। फरधान थानाक्षेत्र के अंदापुर में घने कोहरे के कारण सड़क पर बिगड़ी खड़ी डीसीएम में पीछे से…

मितौली पुलिस ने शांतिभंग में तीन का चालान किया

प्रेस नोट रिपोर्ट आकाश मिश्रा बहुआयामी समाचार थाना मितौली जनपद खीरी कल दिनांक 10.11.2024 को थाना मितौली पुलिस द्वारा क्षेत्र में शान्ति एंव सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु 03 नफर…

ईसानगर क्षेत्र में लगने वाले ठुठवा मेले का निरीक्षण करने पहुंचे ASP, दिए निर्देश

बहु आयामी समाचार संवाददाता मोहम्मदी जिला खीरी मोहम्मद आमिर 10 नवंबर लखीमपुर खीरी। ईसानगर थाना क्षेत्र में वर्षों पुराने गांजर क्षेत्र के ऐतिहासिक विशाल ठुठवा मेले की जगह और रास्ते…

यूपी बोर्ड: प्रदेश में परीक्षा के लिए बनाए गए 7657 केंद्र, 14 नवंबर तक मांगी गई आपत्तियां..

प्रयागराज।यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 7657 केंद्र बनाए गए हैं। इसकी सूची सभी डीआईओएस के पोर्टल पर भेज दी गई है। वह सोमवार को इसे नोटिस बोर्ड…

लखनऊ स्थित के डी हॉस्पिटल में महिला की संदिग्ध मौत,परिजन लगा रहे लापरवाही का आरोप

आकाश मिश्रबहुआयामी समाचारलखीमपुर खीरी लखनऊ के डी हॉस्पिटल में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।जिसको के जी एम यू के चिकित्सक ने निजी अस्पताल में भर्ती करवाया…

विधिक सेवा दिवस पर किया गया गोष्ठी का आयोजन

बहु आयामी समाचारआकर्ष कुमार विधिक सेवा दिवस के उपलक्ष्य पर मनु लॉ कॉलेज में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें एसीजीएम प्रथम रेनू यादव जी ने कहा कि विधिक…

धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की दी प्रेरणा- देवेन्द्र मोहन

रिपोर्ट:अनुपम कुमार बाराबंकी। ग्राम पंजरौली चौराहे पर स्थित अशोक धर्मकांटा पर दिव्यानंद योग साधना समिति के प्रमुख देवेन्द्र मोहन भैय्या जी ने सत्संग में उपस्थित श्रोताओं को धर्म एवं सत्य…

सिरौली गौसपुर सीएचसी पर लगा मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला

रिपोर्ट:अनुपम कुमार 🔵मरीजों का चिकित्सा परीक्षण कर दवाओ का वितरण बाराबंकी जिले में रविवार को सीएचसी पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य नागरिकों को…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!