Month: November 2024

अनाथ बच्चों के शिक्षा में मदद के लिए देवदूत बने आशीष

अनाथ बच्चों के शिक्षा में मदद के लिए देवदूत बने आशीष सूरज गुप्ता बर्डपुर/सिद्धार्थनगर। ब्लॉक संसाधन केन्द्र बर्डपुर में ब्लॉक समन्यवक गुणवत्ता के पद पर कार्यरत आशीष सिंह, क्षेत्र के…

सीएचसी शोहरतगढ़़ के इमरजेंसी वार्ड में नदारख दिखे डॉक्टर, डीएम-सीएमओ के पास पहुंची शिकायत * घटना को लेकर परिजनों में दिखा आक्रोश।

सीएचसी शोहरतगढ़़ के इमरजेंसी वार्ड में नदारख दिखे डॉक्टर, डीएम-सीएमओ के पास पहुंची शिकायत * घटना को लेकर परिजनों में दिखा आक्रोश।* सम्भ्रांत व्यक्तियों के समझाने बुझाने पर डेड बॉडी…

अजीबो गरीब आदेश पूरे जनपद में बना चर्चा का विषय, लखीमपुर खीरी के डीसी मनरेगा पर उठ रहे सवाल

रिपोर्ट- आकाश मिश्रबहुआयामी समाचार डीसी मनरेगा के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यो को लेकर लखीमपुर सदर के खण्ड विकास अधिकारी द्वारा जारी किए गए एक आदेश से जिले के अन्य…

75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कुछ लोगों पर किया मार-पीट * घर व दुकान पर अवैध रूप से कब्जा करने का लगाया आरोप।

75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कुछ लोगों पर किया मार-पीट * घर व दुकान पर अवैध रूप से कब्जा करने का लगाया आरोप। सूरज गुप्ता सिद्धार्थनगर। जिले के नगर पंचायत…

लखीमपुर खीरी यूपी समाजवादी पार्टी युवजन सभा संगठन की मासिक बैठक हुई संपन्न

रिपोर्ट नसरुद्दीन अंसारी लखीमपुर खीरी आपको बता दूं आज दिनांक 9.11.2024.दिन शनिवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय लोहिया भवन लखीमपुर खीरी में । युवजन सभा संगठन की मासिक बैठक हुई संपन्न।…

आधुनिक मदरसा शिक्षा: एक नए युग की ओर।

रिपोर्ट:_आसिफ रईस मदरसा के पाठ्यक्रम की पुरानी प्रकृति के बारे में बार-बार लगाए गए आरोपों ने सुधार की मांग को जन्म दिया है, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर)…

ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन

रिपोर्ट:मनीष कांत शर्मा बदायूं। ब्लॉक स्तर पर शनिवार को एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी एवं उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन विकास खण्ड जगत पर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न योजनाओं, नीतियों, निपुण…

डीएम की अध्यक्षता में हुआ थाना समाधान दिवस का आयोजन

रिपोर्ट:मनीष कांत बदायूँ। जिलाधिकारी श्रीवास्तव ने शनिवार को थाना मूसाझाग में थाना समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधिकारियों को फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापरक ढंग से व…

प्रयागराज:कृषि मंत्री ने रबी फसल की बुवाई के लिए उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश..

रिपोर्ट: दीपक कुमार प्रयागराज। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश में रबी फसल की बुवाई को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए…

सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश आज 9 व 10 नवम्बर को बदायूं में रहेंगे।

रिपोर्ट:प्रदीप पाण्डेयबदायूंराज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश 9 व 10 नवम्बर को बदायूं में रह कर स्थानीय लोगों से भेट वार्ता करेंगे। बदायूं 9 व 10 नवम्बर को लोक निर्माण गेस्ट…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!