Month: July 2025

संस्कृति बोध परियोजना अभियान का हुआ भव्य उद्घाटन*

मितौली खीरी, 23 जुलाई 2025:* बराती लाल गोमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर मितौली खीरी में भव्यता के साथ संस्कृति बोध परियोजना अभियान का उद्घाटन किया गया। विद्यालय के संरक्षक आदरणीय…

लव मैरिज और पुरानी रंजिशमें चली गोली

ब्रेकिंग न्यूज़ औरैयालव मैरिज और पुरानी रंजिशमें चली गोली औरैया में लव मैरीज और पुरानी रंजिशमें फफूंद थाना क्षेत्र में गोलीकांड से ताबड़तोड़ फायरिंग से सनसनी।बच्चा होने का जश्न मनाना…

रेलवे विभाग व/NHI के अनुमति लिए बिना जिला खनन अधिकारी ने बालू मिट्टी उठाने की दे दी परमिशन

किसान नेता व किसानों ने सौंपा ज्ञापन;किसानों ने खनन टेंडर निरस्त कराने की मांग की**रेल विभाग कर सकता है बड़ी कार्यवाही*पलिया कला खीरी। शारदा नदी में गहराई और शारदा नदी…

उतरौला में करबला के शहीदो की याद में बड़ा इमामबाड़ा आबिदा बेगम में आयोजित की गई मजलिस और शब्बेदारी

मदद कीजिए या इमामे जमाना, इमामे जमाना,,,,,,,,,, उतरौला में करबला के शहीदो की याद में बड़ा इमामबाड़ा आबिदा बेगम में आयोजित की गई मजलिस और शब्बेदारी मदीने में जहां पर…

श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा के जन्मदिन पर एक लाख पौधे लगाया गया

श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन पर एक लाख पौधे लगाने की घोषणा दिया गया था आज पूर्ण रूप से पूरा हो गया देश के विभिन्न राज्य में…

रतनपुर चौकी क्षेत्र में जवाहर पुरम सेक्टर 4 की झाड़ियों में पड़ा मिला अज्ञात शव

कानपुर ब्रेकिंग न्यूज मामला पनकी थाना क्षेत्र का लाश को देख कर मच गया क्षेत्र में हड़कंप सूचना पाकर पुलिस पहुंची मौके पर फोरेंसिक टीम भी जांच में जुटी प्रारंभिक…

शिकोहाबाद आवास विकास कालोनी मे भागवत कथा का आयोजन, उमड़ भक्तो की भीड

रिपोर्ट मु इरफान रिपोर्टिंग प्रभारी जिला फिरोजाबाद मो नंबर 7017492627 शिकोहाबाद आवास विकास कालोनी मे भागवत कथा का आयोजन, उमड़ भक्तो की भीड फिरोजाबाद जिले मे इन दिनो भागवत कथा…

थाना ठाकुरगंज से बड़ी कार्रवाई..

रिपोर्ट-मोहम्मद शाबान लखनऊ के थाना ठाकुरगंज क्षेत्र अंतर्गत मुफ्तीगंज चौकी क्षेत्र में घास मंडी के पास उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक द्वारा 18 वर्षीय किशोरी के साथ…

हाथरस में बड़ा सड़क हादसा, ट्रैक्टर पलटने से 13 मजदूर घायल – 3 की हालत गंभीर

रिपोर्ट-विवेक वाष्णेय हाथरस जिले के कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धान की रोपाई करके लौट रहे मजदूरों से भरा एक ट्रैक्टर अचानक…

बदांयू- कासगंज जनपद की कछला चौकी इंचार्ज प्रहलाद सिंह की सडक हादसे में मौत।

रिपोर्टर-प्रदीप पाण्डेयबदायूं कासगंज। जनपद के सोरों कोतवाली अंतर्गत बदायूं बार्डर पर स्थित कछला चौकी इंचार्ज प्रहलाद सिंह की सडक हादसे में मौत हो गई। इससे कासगंज के पुलिस कर्मियों में…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!