धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो
निचलौल/महराजगंज। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर निचलौल ब्लॉक के खोन्हौली गांव में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल करने वाले गांव के युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सम्मान समारोह में SSC CGL परीक्षा में सफलता हासिल कर असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर चयनित ज्ञानेंद्र गुप्ता, पुत्र ध्रुवनारायण गुप्ता तथा NEET परीक्षा में प्रथम प्रयास में सफलता प्राप्त करने वाली अनुष्का गुप्ता को समाजवादी पार्टी के 317 सिसवा विधानसभा क्षेत्र के भावी विधायक पद प्रत्याशी गौरीशंकर गुप्ता उर्फ फौजी भैया ने माला पहनाकर एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। दोनों मेधावियों की सफलता पर ग्रामीणों ने भी खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी।

इस दौरान गौरीशंकर गुप्ता उर्फ फौजी भैया ने कहा कि किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव शिक्षा होती है। शिक्षा केवल नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को बेहतर बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें बेहतर मार्गदर्शन, संसाधन और प्रोत्साहन देने की है।

उन्होंने कहा कि ज्ञानेंद्र गुप्ता और अनुष्का गुप्ता ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के बल पर बड़ी से बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है। ऐसे होनहार युवाओं की उपलब्धियां गांव और पूरे क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का काम करती हैं।

गौरीशंकर गुप्ता ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में परिवार, शिक्षक और समाज तीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि बच्चों को सही दिशा और सकारात्मक वातावरण मिले तो ग्रामीण अंचल से भी बड़ी संख्या में डॉक्टर, अधिकारी, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ निकल सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दोनों सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। सम्मान समारोह में ऋषिकेश यादव, रामभजन, धर्मेन्द्र गुप्ता, सूरज प्रजापति, धर्मेन्द्र कसौधन, मोहन कसौधन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
