
17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा पर्व के अवकाश को स्व० मुलायम सिंह यादव ने देकर बढाया था समाज का सम्मान–: विष्णु शर्मा “
विश्वकर्मा वाराणसी अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा” ने पत्रकारो एक संक्षिप्त वार्ता मे बताया कि विश्वकर्मा समाज के अराध्य देवता शिल्प देवता भगवान विश्वकर्मा के 17 सितंबर को राजकीय सार्वजनिक अवकाश स्व० मुलायम सिंह यादव ने अपना मुख्यमंत्रित्व काल मे अवकाश घोषित कर विश्वकर्मा समाज के लोगो का मान सम्मान बढाया था । उसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने समाज के लोगो को लगातार राजनिति मे भागीदारी देकर सम्मान बढ़ाने का कार्य कर रहे है । मगर उत्तर प्रदेश सरकार ने महापुरुष का संज्ञा देकर समाज के लोगो का सार्वजनिक अवकाश रद्द कर दिया गया । उन्होने कमल के फूल वाली सरकार से मांग की है कि विश्वकर्मा पूजा पर्व 17 सितंबर को राजकीय सार्वजनिक अवकाश घोषित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज के लोगों का राष्ट्र निर्माण में अग्रणी योगदान रहा है। इस समाज के आराध्य और कुलदेवता भगवान विश्वकर्मा है, जो गौरव स्वाभिमान और अस्तित्व के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा पूजा दिवस को देशभर में औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कल कारखानों सहित छोटे-मोटे कारीगरी के काम करने वाले सभी लोग बिना किसी जाति भेदभाव के भगवान विश्वकर्मा के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था को व्यक्त करते हुए उनकी पूजा करते हैं। भगवान विश्वकर्मा इस देश में करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि देश में अनेक देवी देवताओं,महापुरुषों, धर्म गुरुओं और राजनेताओं के नाम पर सार्वजनिक अवकाश घोषित है जो उनके देश, समाज और संस्कृति के विकास में किए गए महान योगदान को सम्मानित और उनकी स्मृतियों को जीवंत रखता हैं। उन्होंने कहा की देवी देवताओं और महापुरुषों के जीवन चरित् उनके सदविचार, और आदर्शों को अपनाने की सीख देते है।भारत जैसे विविधता वाले देश में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता के लिए सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है। विश्वकर्मा पूजा समाज की गहरी भावनाओं से जुड़ा हुआ पर्व है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े इस महान पर्व को कमल की फुल वाली सरकार सार्वजनिक राजकीय अवकाश घोषित करें।
