महिला सुरक्षा को लेकर खीरी में नही है कोई माकूल व्यवस्था
पवन कुमार वाईस इंचार्ज md न्यूज़ तहसील लखीमपुर
खचाखच भरी बसों में लटककर जाती है छात्राएं एंव महिलाये
दिल्ली में हुए रेप के बाद भी खुलेआम बिना सत्यापन चल रही बसे
अब सवाल यह है कि महिला सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे दावे आखिर धरातल पर कब उतरेंगे? संबंधित विभाग को बसों की नियमित जांच कर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराना चाहिए, ताकि छात्राएं और महिलाएं सुरक्षित एवं सम्मानजनक यात्रा कर सकें।
बड़ा सवाल—
क्या प्रशासन बसों में महिला सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराएगा, या फिर किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा?
बस पर चालक और परिचालक का नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हो।
चालक की पहचान योग्य निर्धारित ड्रेस हो।
बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था हो।
चालक और परिचालक का पुलिस सत्यापन एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।
क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर प्रभावी कार्रवाई हो।

