गोंडा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गांव की बदहाल सड़क अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे जिम्मेदारों की अनदेखी की कहानी बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है—सड़क बनी, लेकिन मरम्मत की बारी आई तो जिम्मेदार जैसे रास्ता ही भूल गए।
मामला थाना धानेपुर क्षेत्र और विधानसभा मेहनौन के पृथ्वीपाल ग्रांट का है। यहां सरकारी से लेकर पारस खाल रोड और आगे तक जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल पड़ी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क का निर्माण होने के बाद से अब तक इसकी मरम्मत पर जिम्मेदारों ने कोई खास ध्यान नहीं दिया। हालत यह है कि सड़क जगह-जगह गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ग्रामीणों और वाहन चालकों तक, सभी को इस रास्ते से गुजरते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वहीं सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय आवागमन और मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाए और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और राहगीरों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
अब सवाल बड़ा है—ग्रामीणों की यह परेशानी आखिर कब खत्म होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की बदहाली देखेंगे, या फिर गड्ढों में तब्दील यह सड़क यूं ही लोगों की परेशानी बढ़ाती रहेगी?
गोंडा से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट

