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जिला महाराजगंज
रिपोर्टर — स्वामीनाथ कुमार
MD News बहुआयामी समाचार
‘नमो बुद्धाय’ भगवान बुद्ध की प्रतिमा इन दिनों देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में दिखाई दे रही है। सामने आई तस्वीर में प्रतिमा के कई हिस्से क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं। प्रतिमा के आसपास
घास-झाड़ियां उगी हुई हैं और परिसर में भी साफ-सफाई का अभाव दिखाई दे रहा है।
भगवान बुद्ध की प्रतिमा लोगों के लिए शांति, करुणा,
अहिंसा और मानवता के संदेश का प्रतीक है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर स्थापित प्रतिमा का उचित रखरखाव होना बेहद जरूरी माना जाता है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि लंबे समय से इसकी नियमित देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
क्षतिग्रस्त हो रही प्रतिमा पर जिम्मेदारों का ध्यान जरूरी
तस्वीर में प्रतिमा के शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर टूट-फूट के निशान दिखाई दे रहे हैं। कुछ स्थानों पर प्रतिमा का रंग भी खराब हो चुका है। इसके आसपास उगी वनस्पतियों के कारण प्रतिमा का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रतिमा की मरम्मत और परिसर की साफ-सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले समय में इसकी स्थिति और खराब हो सकती है। लोगों की मांग है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखें और आवश्यक कदम उठाएं।
साफ-सफाई और
सौंदर्यीकरण की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रतिमा के आसपास नियमित साफ-सफाई कराई जाए, उगी हुई घास-झाड़ियों को हटाया जाए तथा
क्षतिग्रस्त हिस्सों की विशेषज्ञों से मरम्मत कराई जाए। साथ ही प्रतिमा का उचित रंग-रोगन और परिसर का सौंदर्यीकरण भी कराया जाए, ताकि यह स्थान साफ-सुथरा और
सम्मानजनक दिखाई दे।
लोगों का कहना है कि भगवान बुद्ध की प्रतिमा को केवल स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। प्रशासन एवं संबंधित विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस ओर कब तक ध्यान देता है और ‘नमो बुद्धाय’ की इस प्रतिमा को कब तक उसका उचित संरक्षण और सम्मान मिल पाता है।
