इमरजेंसी सेवाओं का लिया जायजा, मरीजों से जाना स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल
हाथरस। जनपदवासियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ जिला चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, इमरजेंसी सेवाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।जिला महिला चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने को लेकर चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं को आठवें माह में ही चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए तथा उन्हें समय से आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाए।जिलाधिकारी ने महिला चिकित्सालय में 100 सिजेरियन ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए निजी क्षेत्र के तीन महिला रोग विशेषज्ञों को आनकाल व्यवस्था पर अनुबंधित किया गया है, जिन्हें प्रत्येक सिजेरियन ऑपरेशन के लिए 4,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।इसके बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन 50 शय्यायुक्त क्रिटिकल केयर यूनिट का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया गया कि यूनिट शुरू होने के बाद यहां भी सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे अधिक संख्या में गर्भवती महिलाओं को बेहतर उपचार मिल सकेगा।जिला चिकित्सालय के नवीन इमरजेंसी ब्लॉक के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। इसी दौरान करीब 18 माह से भर्ती बच्चे आर्यन की मां ने बताया कि बच्चे में खून की अत्यधिक कमी है और निजी उपचार का खर्च वहन करना संभव नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बच्चे को फ्रेश ब्लड की आवश्यकता बताई। जिलाधिकारी के अनुरोध पर एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के सहयोग से तत्काल रक्तदाता की व्यवस्था कराई गई और बच्चे को एक यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया।अन्य मरीजों एवं तीमारदारों ने भी इमरजेंसी में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी भवन के पीछे जलभराव की समस्या मिलने पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (राजस्व एवं वित्त) को इसके स्थायी समाधान के निर्देश दिए। साथ ही जिला अस्पताल के मुख्य द्वार से इमरजेंसी ब्लॉक तक सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को आवागमन में परेशानी न हो।
रिपोर्ट राजा पाठक

