औरैया। पुलिस अधीक्षक औरैया चारू निगम व अपर पुलिस अधीक्षक औरैया शिष्यपाल के कुशल निर्देशन में वांछित/वांरटी एवं इनामिया व जिलाबदर ,हिस्ट्रीशीटर अभियुक्तो की धरपकड़ अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी बिधूना महेन्द्र प्रताप सिंह के निकट पर्यवेक्षण में तथा थाना प्रभारी ऐरवाकटरा राम सहाय पटेल के नेतृत्व में थाना पुलिस टीम द्वारा गस्त चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर जिलाबदर अभियुक्त विनोद कुमार पुत्र लल्ला सिंह निवासी नगला पहाडी थाना ऐरवाकटरा जनपद औरैया को नगला पहाडी से बरौना खुर्द कच्चे रास्ते पर लगभग 550 मीटर दूरी पर समय करीब 18.15 बजे हिरासत मे लिया गया। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास रहा है। जिसके सम्बन्ध मे थाना एरवाकटरा में गुण्डा निवारण अधिनिय पंजीकृत कर सम्बन्धित न्यायालय भेजा गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राम सहाय पटेल मय टीम मौजूद रहे।


इसी तरह से कोतवाली औरैया के उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह मय हमराह थाना कोतवाली औरैया पुलिस द्वारा गस्त/चेकिंग क दौरान वारंटी अभियुक्त राजकुमार पुत्र बाबूराम निवासी बसंतपुर थाना कोतवाली औरैया जनपद औरैया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। अभियुक्त विभिन्न धाराओं में वारंटी था। इसी प्रकार से इसी कोतवाली के उ0नि0 ग्रीशचन्द्र मय हमराह थाना कोतवाली औरैया पुलिस द्वारा गस्त/चेकिंग क दौरान अभियुक्त दीपू दुबे पुत्र राम लखन निवासी मोहल्ला बनारसीदास थाना कोतवाली औरैया जनपद औरैया को एक मुकदमा के संबंध में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जबकि थाना बेला के उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह मय हमराह थाना बेला औरैया पुलिस द्वारा गस्त/चेकिंग क दौरान वारंटी अभियुक्त शिवराम सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी जयसिंह की मडैया थाना बेला जनपद औरैया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।

अभियुक्त के खिलाफ थाना बेला में मुकदमा पंजीकृत है जिसमें वह वारंटी था। इसके अलावा जनपदीय पुलिस द्वारा विभिन्न थानों से अभियुक्तों को धारा 151 द0प्र0सं0 के अंतर्गत गिरफ्तार कर चालान मा0 न्यायालय किया गया। जनपद औरैया पुलिस द्वारा धारा 151 सीआरपीसी के तहत 15 व्यक्तियों का चालान किया गया। इसके साथ ही कुदरकोट के उ0नि0 राम सेवक सिंह मय हमराह गस्त/चेकिंग के दौरान वारंटी अभियुक्त बलवीर सिंह पुत्र सूबेदार निवासी नगला कमले वैवाह थाना कुदरकोट जनपद औरैया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। पकड़ा गया अभियुक्त विभिन्न धाराओं में वारंटी था।

रिपोर्टर रजनीश कुमार

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!