
कहा—पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री बोले न्याय की लड़ाई हम लड़ेंगे
इकौना( श्रावस्ती)21 सितंबर 2026।
इकौना बाजार के निकट आरके अस्पताल के सामने इकौना देहात में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित पीड़ित परिवारों से आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं 290 विधानसभा श्रावस्ती से जुड़े नेता मसूद आलम खान ने मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री वितरित की। बताया गया कि एक दिन पूर्व फारूक अहमद, अमीन अहमद, मतीन अहमद, रसीद, वकील, अब्बास, गफ्फार, जब्बार और जाकिर के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। मौके पर पहुंचकर मसूद आलम खान ने पीड़ित परिवारों की स्थिति जानी और उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
मसूद आलम खान ने जिलाधिकारी श्रावस्ती और उपजिलाधिकारी इकौना की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन को श्वेत पत्र जारी कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि पूरे जनपद में कितने मकान और दुकानें सरकारी भूमि, बंजर, तालाब, खलिहान अथवा अन्य श्रेणी की भूमि पर बने हैं और उनमें से कितने मामलों में कार्रवाई की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्रवाई का प्रभाव विशेष रूप से पीड़ित और कमजोर PDA वर्ग के लोगों पर ही क्यों दिखाई देता है।
उन्होंने गिलौला के तिलकपुर में कल्पराम यादव और परसुराम यादव के मकानों पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि वहां भी भूमि से जुड़े प्रभावशाली लोगों के हितों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्रवाई की गई। इसी तरह इकौना में भी उन्होंने आरोप लगाया कि हाईवे से सटी दुकानों और मकानों को हटाने के पीछे प्रभावशाली भूमि कारोबारियों के हित जुड़े होने की जांच होनी चाहिए।
मसूद आलम खान ने कहा कि यदि किसी भूमि पर सरकारी स्वामित्व का प्रश्न था और वहां लोग तीन पीढ़ियों से रह रहे थे, तो प्रशासन को पहले उनका पुनर्वास और व्यवस्थापन करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिन गरीब परिवारों को सरकारी आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ और जिनके आवास का जियो-टैगिंग आदि प्रक्रिया के बाद निर्माण हुआ, ऐसे परिवारों के मकान गिराए जाना गंभीर मानवीय और प्रशासनिक प्रश्न खड़ा करता है।
उन्होंने कहा, हम पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। उनकी न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट तक लड़ेंगे। इन परिवारों की आर्थिक मदद भी की जाएगी। मसूद आलम खान ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन पीड़ित परिवारों के पुनर्वास, आवास और जमीन से जुड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, प्रभावित परिवारों की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और उन्हें उचित राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।
