
आज दिनांक 25 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार को श्री कृष्ण आदर्श विद्या मंदिर श्रवण बाधित एवं बौद्धिक अक्षमता दिव्यांग आवासीय विद्यालय खभापुर में पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी का 110 वां जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ सभासद विनय तिवारी, विशिष्ट अतिथि सभासद प्रतिनिधि विवेक नागर, अध्यक्षता कर रहे नगर अध्यक्ष भाजपा संजय कुमार व संस्था के प्रबंधक सीताराम यादव ने संयुक्त रूप से मां शारदे तथा अंत्योदय पथ, अंत्योदय प्रण व अंत्योदय लक्ष्य के साथ एकात्म मानववाद के प्रणेता की प्रतिमा में माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित करके किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि इस तरह के दिव्यांगो की सेवा उनका पुनर्वास और शिक्षण एवं प्रशिक्षण की सेवाएं उपलब्ध कराना बहुत ही पुण्य का कार्य है| यह कार्य पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन से जुड़ी प्रेरणा का मुख्य स्रोत है| क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में तमाम तरह की ऐसी घटनाएं स्वयं महसूस की थी जिनसे उन्हें लगा था कि समाज के अंतिम पंक्ति के मजबूर बेसहारा लोगों की सहायता की जाए इसलिए उन्होंने अंत्योदय की परिकल्पना की थी सच्चे मायने में आज दिव्यांगो को सहारा देना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हैं| विशिष्ट अतिथि
सभासद ने पं0 दीनदयाल जी को नमन करते हुए कहा कि उपाध्याय जी एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारक उत्कृष्ट संगठन करता के साथ-साथ व्यक्तिगत ईमानदारी और सत्य निष्ठा के एक धूमकेतु के रूप में सदैव चमकते रहेंगे | उनका संपूर्ण जीवन विकास की पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के समक्ष लाने के लिए समर्पित रहा| दिया| प्रबंधक सीताराम यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में नमन करते हुए कहा कि भारत की राजनीति में एकात्मक मानववाद और अंत्योदय के दर्शन के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासन की योजनाओं के साथ जुड़ने का सपना पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने देखा था जिससे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर यह पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया गया हैl ईश्वर हमें शक्ति प्रदान करें ताकि गरीबों, असहाय एवं उपेक्षितों की सेवा कार्य में सतत लगे रहे| प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एक ऐसे युग दृष्टा थे जिनके द्वारा बोये गए विचारों व सिद्धांतों के बीज ने देश को एक वैकल्पिक विचारधारा दी उनके विचार धारा सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र के पूर्ण निर्माण के लिए थी और भारत को उसके गौरव पर पुनर्स्थापित करने के लिए थी | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संजय कुमार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि श्रवण बाधित एवं बौद्धिक अक्षम दिव्यांगों के साथ घृणा एवं नफरत न करके उन्हें प्यार एवं सहयोग से ही आगे बढ़ाया जा सकता हैl कार्यक्रम के अंत में संस्था द्वारा 35 दिव्यांग बच्चों को फल का वितरण कर उत्साह वर्धन किया गया जिसको पाकर सभी दिव्यांग बच्चों के चेहरे खुशी से चमक उठे|
अन्य प्रमुख लोगों में सुमन देवी, चैतंय कुमार, सीमा देवी, विश्वेंद्र सिंह, पवन कुमार, सिंधू, नीतू संपत व सावित्री सहित विद्यालय के छात्र व अभिभावक उपस्थित रहे|
