पतंजलि योग समिति बदायूं एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के योग यज्ञ एवं वेद महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब
रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं

बदायूं। पतंजलि योग समिति बदायूं एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित योग यज्ञ एवं वेद महोत्सव के तृतीय दिवस का कार्यक्रम योग, स्वास्थ्य, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संदेश से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, महिलाओं, बच्चों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।प्रातःकालीन योग सत्र में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से पधारे आचार्य डॉ. संजय योगी ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभ एवं महत्व को विस्तार से समझाया।

उन्होंने दैनिक जीवन में योग को अपनाने पर बल देते हुए बताया कि नियमित योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने महिलाओं को भी अपने दैनिक घरेलू कार्यों में सक्रिय रहने तथा पारंपरिक भारतीय जीवनशैली से जुड़े कार्यों के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी।इसके पश्चात आचार्य श्री संजीव रूप जी के मार्गदर्शन में यज्ञ कराया गया। इस अवसर पर शहर विधायक माननीय महेश चंद्र गुप्ता जी, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।महिलाओं के आभूषणों में छिपा भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संदेशसायंकालीन सत्र में मथुरा से पधारीं डॉ. अर्चना प्रिय आर्य ने महिलाओं के आभूषणों से जुड़े भारतीय संस्कारों एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में आभूषण केवल सौंदर्य का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भावनात्मक मूल्यों से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के वात्सल्य, सहनशीलता, प्रेम, सेवा तथा बेटी, बहन और मां के रूप में उनके उत्तरदायित्वों को विस्तार से समझाया।सुल्ताना डाकू की कहानी से बच्चों को संस्कारों का संदेशआचार्य श्री संजीव रूप जी ने बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सुल्ताना डाकू की कहानी के माध्यम से समझाया कि व्यक्ति के जीवन में संस्कारों और परिवार के वातावरण का कितना गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने, अपने से बड़ों का सम्मान करने, माता-पिता एवं गुरुजनों की आज्ञा का पालन करने तथा सदैव सत्य बोलने की प्रेरणा दी।उन्होंने बच्चों को बाहरी आकर्षण और गलत संगति से बचने तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़कार्यक्रम के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया,

जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आमजन ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में योग, यज्ञ, वेद, संस्कार और भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम में योग गुरु आदरणीय श्री गिरधारी सिंह राठौर, उपदेश कुमार, यशपाल सिंह, अमरपाल सिंह, सतीश चंद्र सिंह, सुरेश पाल सिंह, मदन लाल, वीरेंद्र यादव, पुरुषोत्तम, सुरेंद्र सिंह, नवल किशोर, रविंद्र बाबू शर्मा, त्रिवेंद्र जी, दिनेश शर्मा, अवधेश कुमार, राम बहादुर, भीमसेन सागर, वीरेंद्र कुमार, मुकेश सारस्वत, प्रदीप राठौर सहित अनेक योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।महिलाओं में श्रीमती लवली चौहान, अनीता सिंह, शांति राठौर, ज्योति गंगवार, प्रवेश चौहान, मेघा उपाध्याय, रेनू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
