ध्वज नहीं, सनातन की विजय का उद्घोष है: काशी अन्नपूर्णा मठ से राष्ट्र के नाम शांति-वीरता का संदेश – महंत शंकरपुरी

काशी में विजयदशमी पर सनातन परम्परा का निर्वहन – अन्नपूर्णा मठ में शस्त्र पूजन और ध्वजारोहण हुआ


वाराणसी। विजयदशमी के पावन पर्व पर काशी के प्रसिद्ध अन्नपूर्णा मठ मंदिर में वैदिक परम्परा के साथ शस्त्र पूजन और ध्वजारोहण का आयोजन ध्वजरोहण किया गया। मठ के महंत शंकरपुरी जी महाराज ने माता अन्नपूर्णा के ध्वज का विधि-विधान से रोहण किया।
_”काशी अन्नपूर्णा मठ मंदिर में, परम्परा, सनातन की परम्परा को देखते हुए आज विजयदशमी है और विजयदशमी को ध्वज का एक शांति का प्रतीक होता है, वीरता का प्रतीक होता है, विजय का प्रतीक होता है। उसी को देखते हुए आज विजयदशमी को माता अन्नपूर्णा का झंडा रोहण किया गया एवं मठ का झंडा चढ़ाया गया। और इसी परम्परा को देखते हुए पूर्वांचल के लोग, बनारस के लोग और हमारे भारतवासियों को, सनातन धर्म को मानने वाले सभी के लिए आशीर्वाद और विजयदशमी ऐसे ही मनाते रहें और आशीर्वाद आप लोगों को सबको प्राप्त होता रहे।
महंत जी ने कहा कि विजयदशमी का ध्वज केवल ध्वज नहीं, यह शांति, वीरता और विजय का प्रतीक है। इस दिन ध्वज रोहण से माँ अन्नपूर्णा की कृपा पूरे काशी और देश पर बनी रहती है।
उन्होंने पूर्वांचल, काशी सहित समस्त भारतवासियों और सनातन धर्मावलंबियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के मंगलमय जीवन की कामना की।

1 view

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *