एमडी न्यूज मंडल ब्यूरों शिवांगिनी अग्रवाल
कानपुर। शहर में पिछले कई सालों से तमाम ऐसी मिले हैं, जो एक नहीं अनेक कारणों के चलते बंद हो गईं. इन मिलों में प्रमुख रूप से लाल इमली मिल, जेके जूट मिल, म्योर मिल आदि शामिल हैं।लाल इमली की स्थिति ऐसी है, जिसमें साल 2012 से उत्पादन बंद हो गया. इसे दोबारा चालू करवाने के लिए केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक अफसरों ने बहुत कोशिशें कीं, मगर नतीजा सिफर रहा. पर, अब एक बार फिर औद्योगिक नगरी की विरासत कही जाने वाली बंद मिलों को दोबारा से शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है।
कुछ दिनों पहले शहर में कॉमर्स कमेटी की बैठक में बंद मिलों का मुद्दा उठा था, जिसमें यूपी के मुख्य सचिव समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद थे. उसके बाद गुरुवार को भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने दोपहर में पदाधिकारियों व लाल इमली कर्मियों के साथ लाल इमली पहुंचकर वहां का निरीक्षण किया। भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने कहा, उन्होंने केंद्र सरकार व राज्य सरकार के अफसरों से कहा है, कि वह बंद मिलों के फिर से संचालन को लेकर एक ब्रीफ नोट तैयार करें, जिसके बाद उसे वह अपने स्तर से कॉमर्स कमेटी की मीटिंग में सभी सदस्यों के सामने रखेंगे।
पत्रकारों से वार्ता को दौरान भाजपा सांसद ने कहा, अब वह चाहते हैं कि कानपुर की मिलें शुरू हों और उसमें अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। विदेशों में लालइमली के उत्पादों का बजता था डंका, करोड़ों रुपये का बजट चाहिए होगा: भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने कहा, कानपुर की लाल इमली की पहचान पूरी दुनिया में है. यहां के उत्पादों का विदेशों में डंका बजता था. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी सैनिकों को यहां से वूलेन उत्पाद भेजे गए।यहां के उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर रही. लाल इमली कर्मियों ने भाजपा सांसद को बताया, कि लाल इमली संचालन के लिए करोड़ों रुपये के बजट की जरूरत होगी। पीएम और सीएम चाहते हैं कि बंद मिलों का दोबारा से शुरू हो संचालन: भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा, कि पीएम मोदी व सीएम योगी चाहते हैं कानपुर की बंद मिलों का दोबारा से संचालन शुरू हो. उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने अपने स्तर से बात की है। इसमें केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से भी बात हुई है. अब बहुत जल्द बंद मिलों को लेकर एक टाइमलाइन, दिक्कतों के समाधान, ब्रीफ नोट की जानकारी भी पीएम मोदी तक पहुंचाएंगे.


