
छाता चीनी मिल चालू कराने और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी, पदम फौजी ने 36 बिरादरी के किसानों से की एकजुट होने की अपील
छाता (मथुरा)। छाता चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर पिछले 75 दिनों से धरना दे रहे भूतपूर्व सैनिक परिषद के ललित कर्मयोगी और किसानों ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में आगामी बुधवार को किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ मथुरा पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। किसान नेता पदम फौजी के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजे छाता स्थित चीनी मिल धरना स्थल से लगभग 1,000 ट्रैक्टरों का काफिला मथुरा के लिए रवाना होगा।
आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए अध्यक्ष प्रतिनिधि पदम फौजी निवासी बरसाना ने क्षेत्र की सभी 36 बिरादरी के किसानों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छाता चीनी मिल को दोबारा चालू कराना और किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना पूरे क्षेत्र के किसानों, युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उठाएंगे मांग
पदम फौजी ने किसान भाइयों से बुधवार सुबह निर्धारित समय पर छाता चीनी मिल धरना स्थल पर ट्रैक्टरों के साथ पहुंचने का आह्वान किया है। प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के माध्यम से किसान अपनी मांगों को जिलाधिकारी के समक्ष रखेंगे और चीनी मिल को पुनः शुरू कराने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग करेंगे।
75 दिनों से जारी है धरना
किसान नेताओं का कहना है कि 75 दिनों से लगातार धरना देने के बावजूद चीनी मिल को चालू कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसानों में नाराजगी है। किसानों का मानना है कि मिल दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गन्ना किसानों को राहत मिल सकेगी।
अब सभी की निगाहें बुधवार को प्रस्तावित किसान ट्रैक्टर रैली पर टिकी हैं। किसान इस प्रदर्शन के जरिए प्रशासन और सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने की तैयारी में हैं।
रिपोर्ट कैलाश सिंह यदुवंशी
