मेले में विद्युत, शौचालय, व्यवस्था की गुणवत्ता पर दिया जाए विशेष ध्यान17 नवम्बर को झण्डी पूजन, 23 को मेले का उद्घाटन तथा 24 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा पर होगा मुख्य स्नान।

रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं

बदायूं: 27 अक्टूबर। रोहिलखंड क्षेत्र के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध जनपद का मेला ककोड़ा के शुभारंभ हेतु ककोड़ा देवी मंदिर से झण्डी मेला स्थल जाएगी, वहीं पर 17 नवम्बर को झण्डी पूजन होगा तथा 23 नवम्बर को मेले का उद्घाटन किया जाएगा। मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान 24 नवम्बर को होगा।मेला ककोड़ा को सकुशल आयोजित कराने हेतु मंगलवार को कलेक्टेªट स्थित सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले को भव्य रूप से आयोजित कराने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी समय से समस्त तैयारियों को पूर्ण सुनिश्चित करें।

मेला अवधि 17 नवंबर से 01 दिसम्बर 2026 तक रहेगी। सीडीओ ने निर्देश दिए कि मेला स्थल तक जाने वाले हेतु मार्ग क्षतिग्रस्त हो अथवा गड्ढे हो तो उसे लोक निर्माण विभाग के अभियन्ता उसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराना सुनिश्चित करें।मेले की सुरक्षा व्यवस्था- सीडीओ ने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग के अधिकारी और जिला पंचायत के अधिकारी संयुक्त रूप से मेले का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करें कि मेला कितने सीसीटीवी कैमरा लगाने से कवर होगा। इस कैमरो का कंट्रोल रूम में अस्थाई कोतवाली में बनाया जाए। मेले की सुरक्षा हेतु गत वर्ष की भांति घोड़सवार पुलिस, पीएसी बल, तैराकी पुलिस मोटरवोट सहित व्यवस्था की जाए। वाचटावर बनाए जाएं और पर्याप्त मात्रा में अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चत की जाए।सफाई व्यवस्था – मेले में प्लास्टिक के डिस्पोज़ल गिलास, दोना, पत्तल एवं पॉलिथिन को पूर्ण प्रतिबंधित किया जाए। सफाई की समुचित व्यवस्था के साथ ही वाटर टैंक, मोबाइल टॉयलेट, अस्थाई शौचालय बनाए जाएं। शौचालयों की निरन्तर मॉनिट्रिंग कराई जाए कि कोई गंदगी न होने पाए। शुद्ध पेयजल हेतु 525 अस्थाई हैण्डपम्पों के अलावा पेयजल के टैंकर भी लगवाए जाएं।चिकित्सा व्यवस्था- सीडीओ ने निर्देश दिए कि मेले में अस्थाई चिकित्सालय बनाया जाए। र्प्याप्त माला में स्टाफ, औषधि, चिकित्सा उपकरण, बेड एवं चिकित्सकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस और बाइक एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाए। प्रकाश व्यवस्था हेतु पर्याप्त जनरेटर, एलईडी बल्ब, फोकस लाइट, हाईमास्क की व्यवस्था की जाए। मेले में श्रद्धालुओं हेतु दूध/दही की व्यवस्था हेतु स्टाल लगाकर बिक्री की जाए। मेले को धूल रहित बनाने हेतु टैंकर लगाकर छिड़काव कराया जाए।श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु यातायात व्यवस्था- समीक्षा के दौरान सीडीओ ने पाया कि महत्वपूर्ण बैठक होते हुए एआरएम रोडवेज द्वारा बैठक में स्वयं प्रतिभाग न करके प्रतिनिधि को भेजा गया, जिसपर उन्होंने नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि एआरएम रोडवेज इस समय कहां हैं, उनकी लाइव लोकेशन प्राप्त कर स्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकतर मीटिंग में वह स्वयं उपस्थित न होकर प्रतिनिधि को भेजते है, यह स्थिति ठीक नहीं है। मेला तक आने व जाने के लिए रोडवेज बसों के अलावा प्राइवेट बसो की व्यवस्थ रहेगी।मेले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी पर्याप्त औषधि एवं स्टाफ सहित अस्थाई पशु चिकित्सालय की स्थापना करेंगे। खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खाद्य निरीक्षकों को भी लगाया जाएगा।

मनोरंजन एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं- मेले में श्रद्वालुओं के मनोरंजन हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला, जादू, कठपुतली के कार्यक्रम कराए जाने के साथ ही शासकीय योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु विकास प्रदर्शनी तथा एलईडी वैन की व्यवस्था की जाएगी। मेले में अस्थाई स्टेडियम भी बनाया जाएगा, जिसमें कबड्डी, कुश्ती, बॉलीबॉल एवं दौड़ प्रतियोगिताएं जिला क्रीड़ा अधिकारी द्वारा कराई जाएंगी। गत वर्षाें की भांति संचार व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बीएसएलएल, एयरटेल, जीओ आदि के अस्थाई मोबाइल टॉबर लगाए जाएंगे।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मानवेन्द्र सिंह, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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