एक के नाबालिग होने की जानकारी, 23 अप्रैल की छापेमारी के बाद पांच दिन में कैसे खुल गया था होटल? प्रशासन और पुलिस की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल,

वीडियो रिपोर्ट: रोहित जैन (दभेड़ी वाले)
महिला जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख: छवि जैन (दभेड़ी वाले)
बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश।

जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में संचालित एक ओयो होटल को लेकर एक बार फिर चर्चाओं और गंभीर सवालों का दौर शुरू हो गया है। पूर्व में प्रशासनिक छापेमारी के बाद बंद कराया गया होटल कथित तौर पर महज पांच दिन बाद दोबारा संचालित होने लगा था। अब 1 नवंबर 2026 को एक नाबालिग लड़की के होटल में आने की सूचना मिलने पर MD NEWS बहुआयामी समाचार की महिला जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख छवि जैन और जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख रोहित जैन मौके पर पहुंचे। मौके पर चार लड़कियों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई, जिनमें एक के नाबालिग होने की सूचना मिली। इस घटनाक्रम ने होटल के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

23 अप्रैल 2026 की छापेमारी के बाद पांच दिन में कैसे खुला होटल?

बुढ़ाना क्षेत्र में हिंडन नदी पुल के पास स्थित ओयो होटल पर 23 अप्रैल 2026 को तत्कालीन एसडीएम कृष्णकांत विश्वकर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक छापेमारी की खबर प्रकाशित हुई थी। उस समय प्रकाशित समाचारों के अनुसार होटल संचालक आदेश सैनी की गिरफ्तारी और पांच महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई के बाद होटल को बंद कराया गया था, लेकिन लगभग पांच दिन बाद ही इसके दोबारा खुलने की बात सामने आई। आखिर ऐसा क्या हुआ कि प्रशासनिक कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद होटल का संचालन फिर शुरू हो गया?

क्या होटल को दोबारा खोलने की अनुमति दी गई थी? क्या उसके दस्तावेजों और संचालन संबंधी नियमों की जांच की गई थी? क्या प्रशासन ने दोबारा निरीक्षण किया था? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए।

चार लड़कियों की मौजूदगी, एक के नाबालिग होने की सूचना से बढ़ी गंभीरता

1 नवंबर को MD NEWS की महिला जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख छवि जैन और रोहित जैन मौके पर पहुंचे। इस दौरान होटल में चार लड़कियों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई, जिनमें एक लड़की के नाबालिग होने की सूचना भी मिली।

नाबालिग से जुड़ा मामला अत्यंत संवेदनशील है। पुलिस प्रशासन से मांग है कि चारों की उम्र का नियमानुसार सत्यापन कराया जाए तथा नाबालिग लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यह भी जांच होनी चाहिए कि वह किन परिस्थितियों में होटल पहुंची थी और कहीं उसके साथ कोई गैरकानूनी गतिविधि तो नहीं हुई।

यदि जांच में किसी प्रकार का अपराध सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। नाबालिग की पहचान किसी भी स्थिति में सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए।

झंडेवाली पुलिस चौकी के अंतर्गत होटल, फिर निगरानी किसकी जिम्मेदारी?

बताया जा रहा है कि संबंधित होटल बुढ़ाना थाना क्षेत्र की झंडेवाली पुलिस चौकी के अंतर्गत आता है। ऐसे में पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ललित कसाना सहित संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

क्या पुलिस को होटल के लगातार संचालित होने की जानकारी थी? यदि जानकारी थी तो नियमों के अनुसार कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या चौकी और थाना स्तर पर नियमित निरीक्षण किया गया? क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई?

होटल संचालन में किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत या धन उगाही का फिलहाल कोई प्रमाण सामने नहीं है, लेकिन इन आरोपों और आशंकाओं से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मदन हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे सुनसान स्थान पर भी उठ रहे सवाल

बुढ़ाना में मदन हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे गड्ढे और जंगलनुमा सुनसान स्थान को लेकर भी स्थानीय स्तर पर खाने-पीने और शराब सेवन जैसी गतिविधियों की सूचनाएं मिल रही हैं।

यदि वहां सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन, अवैध बिक्री अथवा अन्य नियम विरुद्ध गतिविधियां हो रही हैं तो पुलिस और आबकारी विभाग को तत्काल जांच करनी चाहिए।

आखिर ऐसे स्थानों पर पुलिस की नियमित गश्त क्यों नहीं दिखाई देती? क्या संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी है? प्रशासन को होटल के साथ-साथ आसपास के सुनसान स्थानों की भी जांच करानी चाहिए।

डीएम और एसएसपी से जनहित में आठ बड़े सवाल

  1. 23 अप्रैल 2026 की छापेमारी के बाद होटल पांच दिन में दोबारा कैसे खुला?
  2. होटल को दोबारा संचालन की अनुमति किसने दी?
  3. क्या होटल के सभी पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज वैध हैं?
  4. झंडेवाली पुलिस चौकी और थाना बुढ़ाना की निगरानी व्यवस्था की जांच होगी?
  5. ललित कसाना सहित संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी?
  6. चार लड़कियों की मौजूदगी और एक के नाबालिग होने की सूचना पर क्या कार्रवाई हुई?
  7. मदन हॉस्पिटल के सामने सुनसान स्थान पर शराब सेवन और अन्य गतिविधियों की जांच कौन करेगा?
  8. क्या जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे?

दीपावली के त्योहार पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

त्योहारों के दौरान कस्बे में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में होटल, सार्वजनिक स्थानों और सुनसान क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। विशेषकर महिलाओं और नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

अब देखना यह है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर सवालों के बीच चलता रहेगा होटल का संचालन?

बुढ़ाना की जनता जानना चाहती है कि जब पहले प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी तो उसके बाद होटल दोबारा कैसे खुला? क्या पुराने प्रकरण की दोबारा जांच होगी? क्या वर्तमान में सामने आई सूचनाओं का सत्यापन होगा? क्या संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी?

जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसडीएम बुढ़ाना और आबकारी विभाग से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि कोई अनियमितता या अपराध मिलता है तो बिना किसी दबाव के नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

MD NEWS बहुआयामी समाचार जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति या अधिकारी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को उठाना, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग करना तथा सच्चाई जनता के सामने लाना है।

विशेष जनहित पड़ताल जारी…

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