
धनतेरस पर अन्नपूर्णा दरबार में बंटेगा खजाना, पांच दिन होंगे स्वर्णमयी माता के दर्शन
6 नवंबर को सुबह पांच बजे खुलेंगे कपाट, 10 नवंबर को महाआरती के बाद एक वर्ष के लिए बंद होगा पट
वाराणसी। धनतेरस पर बांसफाटक स्थित काशी अन्नपूर्णा मंदिर में भक्तों को मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन और खजाना स्वरूप सिक्के प्राप्त होंगे। बुधवार को महंत शंकर पुरी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 6 नवंबर को भोर तीन बजे पूजन शुरू होगा। विधिवत पूजन और आरती के बाद सुबह पांच बजे आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। इस दौरान 21 किलो रजत खजाने का भी पूजन होगा।
महंत ने बताया कि 6 से 10 नवंबर तक श्रद्धालु स्वर्णमयी अन्नपूर्णा, भूमि देवी, लक्ष्मी और रजत महादेव के दर्शन कर सकेंगे। धनतेरस पर सुबह पांच से 11:30 बजे तक खजाना वितरण होगा। अन्य दिनों में सुबह पांच से रात 11:15 बजे तक दर्शन होंगे। 10 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव पर लड्डुओं की झांकी सजेगी और रात 11:30 बजे महाआरती के बाद स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का कपाट एक वर्ष के लिए बंद कर दिया जाएगा।
प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। कंट्रोल रूम से निगरानी, मेडिकल टीम और जगह-जगह सेवादारों की तैनाती रहेगी। दर्शनार्थियों के लिए बांसफाटक से ढुंढिराज गेट नंबर एक होते हुए प्रवेश और कालिका गली से निकास की व्यवस्था की गई है।
प्रेसवार्ता में नीलकंठ से आए शिवानंद गिरि, प्रदीप श्रीवास्तव, राकेश तोमर सहित मंदिर परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
