धर्मेन्द्र कसौधन(एमडी ब्यूरो)
महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के भारतखण्ड पकड़ी गांव में दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने पति समेत ससुराल पक्ष के आठ लोगों पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर कोठीभार पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता सानिया खातून पत्नी समीर अली का निकाह 29 जुलाई 2024 को मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ हुआ था। विवाह के समय उसके पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े और अन्य घरेलू सामान दहेज में दिए थे। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ससुराल पक्ष के लोगों का व्यवहार बदलने लगा और वे अतिरिक्त दहेज के रूप में 50 हजार रुपये नकद तथा अन्य सामान की मांग करने लगे।

पीड़िता का आरोप है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जब उसने अपने पिता से अतिरिक्त दहेज दिलाने में असमर्थता जताई तो उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी बीच 23 अगस्त 2026 को उसने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों का उत्पीड़न और बढ़ गया।
तहरीर में बताया गया है कि 13 सितंबर 2026 को पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता ने अपनी और अपनी बच्ची की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले में कोठीभार पुलिस ने पति समीर अली, ससुर सहादत अली, देवर साहिल, सौतेली सास समिना, ननद सबनम, अख्तर अली, अनीशा और एक अन्य व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115(2), 352, 354(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, मुकदमा 4 नवंबर 2026 को दर्ज किया गया है। मामले में उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी को विवेचना सौंपी गई है। अब पुलिस आरोपों की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई करेगी।
