यूपी।सूबे के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों को अपने यहां होने वाली प्रायोगिक परीक्षाओं की यू-ट्यूब चैनल पर सजीव प्रसारण (लाइव स्ट्रीमिंग) करना होगा। इसके लिए उन्हें अपना यू-ट्यूब चैनल बनाना होगा।

पारदर्शिता हेतु किया गया प्रावधान, इसी सत्र सत्र से लागू

प्रायोगिक परीक्षाओं में पारदर्शिता के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति के तहत यह प्रावधान अनिवार्य किया गया है। शिक्षण संस्थानों के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया प्रायोगिक परीक्षाओं के प्रसारण का वीडियो हमेशा उपलब्ध रहेगा।उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने बताया कि यह नई व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2023-24 से लागू की जाएगी। शासन ने प्रवेश कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कराने का उत्तरदायित्व संबंधित कुलसचिव पर डाला है। इसमें किसी भी प्रकार की देरी के लिए कुलसचिव व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। इसी तरह शैक्षणिक कैलेंडर में देरी पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जिम्मेदार होंगे।

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