रिपोर्ट:रोहित सेठ

वाराणसी: कृषि पद्धतियों को बढ़ाने और किसानों को सशक्त बनाने के एक सहयोगात्मक प्रयास में, एस.एम.एस. वाराणसी और सीसीएस राष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में कृषि उत्पादक उद्यमिता एवं विपणन पर एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए एस.एम.एस. वाराणसी के निदेशक प्रोफेसर पी. एन. झा ने कहा कि कृषि उत्पादन को अनुकूलित करने के लिए किसानों को नवीनतम तकनीकों का ज्ञान आज की महती जरूरत है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह, सदस्य, सीड बोर्ड ऑफ इंडिया व सीड कंपनी ऑफ़ इंडिया के फाउंडर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच सहयोगात्मक प्रयास महत्वपूर्ण हैं। यह कार्यक्रम ज्ञान के आदान-प्रदान और व्यावहारिक शिक्षा के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रामनगर औद्योगिक संघ के अध्यक्ष श्री दयाशंकर मिश्र ने शिक्षा और व्यावहारिक कृषि अनुभवों के बीच अंतर को पाटने में ऐसी सहयोगी पहल के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे अंततः कृषि समुदायों को लाभ होगा।

प्रशिक्षण सत्र में कुलसचिव श्री संजय गुप्ता ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कृषि नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। संयोजक प्रो. राजकुमार सिंह द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को कृषि उत्पादन दक्षता और उपज बढ़ाने के उद्देश्य से व्यावहारिक अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक सीखने के अनुभव प्रदान किए। धन्यवाद ज्ञापन डॉ खुशबू कुमार ने किया।

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