रिपोर्ट:रोहित सेठ
वाराणसी।8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाया जाता है। ये दिन महिलाओं के सम्मान में समर्पित है। महिलाओं के योगदान की वैसे तो हर दिन ही सराहना की जानी चाहिए लेकिन फिर भी उनके योगदान और सम्मान में एक खास दिन निर्धारित किया गया है, वो है 8 मार्च का दिन। नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज डॉक्टर शंभू नाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन अंतराष्ट्रीय बाल अधिकार संस्था क्राई के सहयोग से पोषित बाल पहरुआ रानी लक्ष्मीबाई किशोरी प्रकोष्ठ ने सखी संवाद एवं शक्ति सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था कि जो महिलाएं समाज की उन्नति के लिए निरंतर कार्य कर रही है उनके काम को सराहा जाए। साथ ही सब महिलाएं एक साथ इकट्ठा होकर एक दूसरे से मिले, बात करें और एक दूसरे की मदद करें।

उक्त कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर शंभू नाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन की कार्यक्रम निर्देशिका और पूर्व बाल कल्याण समिति भदोही की अध्यक्ष ने कहा हमारी यह बाल पहरूआ किशोरियों ने इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन करके इस बात का संकेत दिया है की बच्चों को अगर सही दिशा निर्देश क्षमता निर्माण किया जाए तो राष्ट्र उत्थान में इनका महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है यह किशोरिया अपनी निजी समस्याओं से ऊपर उठकर अपने आसपास बस्ती के महिलाओं और बच्चियों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही हैं आने वाले भविष्य में ही न केवल अपने समुदाय बल्कि राष्ट्र स्तर पर अपना पहचान बनाएंगे ऐसा मेरा विश्वास है।

वहीं इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बस्ती दनियालपुर किशोरी समूह की सुहानी, मन्नी, काजल, शिवानी, स्वाति, पुष्पा, सिमरन ने भाग लिया।
