अपने आप को नक्सलवादी और कबीर पंथ प्रमुख खाने वाले विवेक दास को जेल भेजना न्याय संगत -गोविंद दास शास्त्री।

रोहित सेठ

वाराणसी विशेष न्यायाधीश एससी एसटी अनिल कुमार पंचम ने विवेक दास की जमानत याचिका को खारिज करते हुए जेल भेजा विवेक दास ने अपने बचाव में कहा कि मैं वृद्ध हूं मुझे फसाया जा रहा है परंतु विपक्षिगण ने विवेक दास की कई मुकदमे का हवाला देते हुए बताया कि विवेक दास अपने आप को नक्सलवादी बताते है उन्होंने अपनी एक किताब में जिक्र किया है
यह एक अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है और कई अपराध में संलिप्त है
अभियुक्त विभिन्न अपराधों में संलिप्त है जिसके विरुद्ध कई मुकदमे अनेक स्थानों में लंबित है आवेदक अभियुक्त विवेक दास द्वारा कार्य अपराध गंभीर प्रकृति का है मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मामले के गुण दोष पर कोई राय व्यक्ति किए बिना अभियुक्त विवेक दास द्वारा कार्य अपराध गंभीर प्रकृति का है मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मामले के गुण दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना अभियुक्त को जमानत पर रिहा किए जाने का आधार पर्याप्त नहीं है तद अनुसार जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है आवेदक अभियुक्त महंत विवेक दास द्वारा प्रस्तुत जमानत पत्र निरस्त किया जाता है।

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