लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के जाने माने चेहरे इंस्पेक्टर कवि धर्मराज शायर द्वारा कथित तौर पर बार बार शिक्षक वर्ग को अपमानित करने वाले व्यंग्य-“ठांस के पिस्टल मौज से घुमिहौ, दरोगा जस मजा मास्टरी में न पहिऔ” को गम्भीरता से लेते हुए कार्यवाही का आदेश दिया है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए पुलिस आयुक्त, प्रयागराज को चार सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामले की शिकायत इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आयोग में की थी जिस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने उक्त निर्देश जारी किया हैं।

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