श्रीस्वामीनारायण भाष्य के प्रतिष्ठित स्वामी भद्रेशदास प्रणीत के आगमन पर कुलपति ने किया स्वागत और अभिनंदन।

रोहित सेठ

वाराणसी स्वामी नारायण संप्रदाय एक ऐसा वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन है जो भारतीय परम्पराओं की स्थापना और संस्कृत विद्याओं में छिपे हुए ज्ञान को प्रकट करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। स्वामी नारायण भाष्य के प्रतिष्ठित भाष्यकार महामहोपध्याय स्वामी भद्रेशदास प्रणीत ‘श्री स्वामी नारायण भाष्य’ जी का आगमन आज सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में हुआ जो कि इस संस्था के साथ मिलकर प्राच्य विद्याओं का संरक्षण और संवर्धन करने का निर्णय लिया है।
उक्त विचार आज सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने श्रीं स्वामीनारायण भाष्य के प्रसिद्ध भाष्यकार भद्रेश दास प्रणीत के आगमन पर उनका स्वागत और अभिनंदन करते हुए व्यक्त किये।
उस दौरान अक्षर धाम मन्दिर के स्वामी मुनि वत्सल महाराज, कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो रामपूजन पाण्डेय,प्रो हरिप्रसाद अधिकारी प्रो रमेश प्रसाद,प्रो शैलेश कुमार मिश्र,प्रो शंभूनाथ शुक्ल, प्रो• दिनेश कुमार गर्ग,प्रो विजय कुमार पाण्डेय, डॉ ज्ञानेन्द्र साँपकोटा,डॉ• नितिन कुमार आर्य आदि उपस्थित थे।

0 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *