रिपोर्ट-अब्दुल रहीम

गोंडा। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) ने गोंडा जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। विशेष रूप से गौरा और मेहनौन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की बढ़ती सक्रियता ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और लगातार हो रही बैठकों के बीच गौरा विधानसभा में अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य अभिमन्यु पटेल का नाम प्रमुख दावेदार के रूप में तेजी से उभर रहा है।

प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष पटेल को गोंडा का प्रभारी मंत्री बनाए जाने के बाद जिले में पार्टी संगठन पहले की तुलना में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। कार्यकर्ताओं के सम्मेलन, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद तथा जनसंपर्क कार्यक्रमों ने पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान की है।

अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्र सरकार में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में पार्टी प्रदेशभर में अपने जनाधार को मजबूत करने की रणनीति पर कार्य कर रही है। वर्तमान में पार्टी के उत्तर प्रदेश विधानसभा में 12 विधायक तथा विधान परिषद में एक सदस्य हैं। इसी रणनीति के तहत गोंडा जनपद को भी संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरा विधानसभा में अभिमन्यु पटेल की बढ़ी सक्रियता

राजनीतिक जानकारों के अनुसार गौरा विधानसभा में पिछले कुछ महीनों से अभिमन्यु पटेल की सक्रियता लगातार बढ़ी है। विकासखंड छपिया से पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके अभिमन्यु पटेल लंबे समय से क्षेत्र में संगठनात्मक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों तथा कार्यकर्ता बैठकों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी के विभिन्न आयोजनों में उनकी मौजूदगी और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती स्वीकार्यता ने उन्हें विधानसभा क्षेत्र में अपना दल (एस) का प्रमुख चेहरा बना दिया है।

सूत्रों के अनुसार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में गौरा सीट से पार्टी का स्वाभाविक एवं मजबूत दावेदार मान रहा है। संगठन के विस्तार में उनकी सक्रिय भूमिका और क्षेत्र में लगातार बढ़ते जनसंपर्क को भी इस दावेदारी की बड़ी वजह माना जा रहा है।

गौरा और मेहनौन पर संगठन का विशेष फोकस

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुर्मी बहुल मानी जाने वाली गौरा और मेहनौन विधानसभा सीटों पर संगठन विशेष रणनीति के तहत कार्य कर रहा है। दोनों सीटों पर वर्तमान में भाजपा के विधायक हैं, लेकिन गठबंधन के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अपना दल (एस) इन क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

गौरा विधानसभा में पार्टी के जिलाध्यक्ष रामदीन वर्मा के नेतृत्व में संगठन लगातार सक्रिय है। हाल ही में आयोजित सांसद के कार्यक्रमों में अपना दल (एस) कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी ने भी राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया। वहीं 21 जून को शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित समीक्षा बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक विस्तार और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

टिकट को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

यद्यपि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और प्रत्याशी चयन का अंतिम निर्णय गठबंधन एवं पार्टी नेतृत्व द्वारा किया जाएगा, लेकिन जिले में बढ़ती संगठनात्मक सक्रियता ने टिकट को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो गौरा विधानसभा में अपना दल (एस) अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है।

विशेष रूप से अभिमन्यु पटेल की लगातार सक्रियता, संगठन में उनकी पकड़ और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का बढ़ता समर्थन उन्हें गौरा विधानसभा से पार्टी के प्रमुख संभावित दावेदारों में शामिल कर रहा है। इससे गठबंधन की राजनीति और टिकट वितरण के समीकरणों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि गोंडा में अपना दल (एस) केवल सहयोगी दल की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि संगठन को मजबूत करते हुए भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को भी मजबूती से आकार देने में जुटा है। गौरा विधानसभा में अभिमन्यु पटेल की बढ़ती सक्रियता इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

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