✅शाहजहांपुर में ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य अमित कुमार सिंह निवासी ग्राम देवरास,थाना खुदागंज के द्वारा खुदागंज, तिलहर, निगोही, कटरा आदि के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र के किसानों लगभग 200 से 300 किसानो से कृषि मोटर कनेक्शन करवाने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए गए,लेकिन बिजली विभाग से किसानों के नाम कोई भी कनेक्शन जारी नहीं हुआ,जब पीड़ित किसानों ने अमित से अपने रुपए वापस मांगे,तब उक्त जालसाज ठग अमित ने कुछ किसानों के फर्जी तरह से विद्युत पोल,विद्युत तार व ट्रांसफार्मर आदि रखकर बिजली विभाग से सांठ गांठ कर फर्जी तरह से कनेक्शन जोड़कर ट्यूबवेल चालू करवा दिया,लेकिन फिर भी आज तक उक्त किसानों का बिजली विभाग में कनेक्शन नहीं हो सका और लगातार फर्जी तरीके से मोटर कनेक्शन बिजली लाइन से जोड़कर चला रहे हैं तथा कुछ लोग खंभे और तार लगने के बाद ट्रांसफार्मर का इंतजार कर रहे हैं ।
✅लेकिन हैरान करने वाली बात यह है, कि बिजली विभाग की नाक के नीचे यह नंगा नाच पिछले कई वर्षों से हो रहा है,लेकिन शिकायतों के बावजूद भी जांच के नाम पर मामले को टरकाया जा रहा है।
✅2023 में भी हुई थी शिकायत लेकिन विभाग के द्वारा मामले को दबाते हुए उल्टा शिकायत करने वाले नौ किसानों के विरुद्ध ही एफआईआर दर्ज करवाकर लगा दी गई पेनल्टी
✅बिजली विभाग में गहरी सांठ गांठ कर जलसाजी और फर्जीवाड़ा वाला करने वाला सत्ता संरक्षित अमित कुमार सिंह इतना रसूखदार और दबंग है,कि इसके खिलाफ आम आदमी शिकायत करने की जहमत नहीं उठा सकता और जिसने शिकायत करने की हिम्मत भी कर दी,तो अपने बिजली विभाग में बैठे आकाओं से उनके विरुद्ध फर्जी विद्युत चोरी अथवा सांठ गांठ कर अन्य कोई फर्जी मुकदमा दर्ज करवाकर जेल भिजवा देगा,ऐसा ही हुआ,जब वर्ष 2023 में अमित कुमार सिंह के चंगुल में फंसे कुछ किसानों ने शिकायत करने की हिम्मत कर दी।
✅शिकायत के बाद मानो तूफान से आ गया और आनन फानन में अमित कुमार सिंह के साथ मिले हुए भ्रष्ट बिजली विभाग के अधिकारियों ने जांच के नाम पर उक्त शिकायत करने वाले नौ किसानों के विरुद्ध विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज करवाकर समन शुल्क और राजस्व निर्धारण के नाम पर लाखों का जुर्माना लगा दिया इसके बाद किसान बेहद परेशान है।
✅दिनांक 8 मार्च 2025 को अवर अभियंता खुदागंज विद्युत वितरण खंड तिलहर के द्वारा मुझसे संपर्क कर यह कहा गया की जांच की जा रही है आप समस्त साक्ष्यों सहित मेरे कार्यालय में संपर्क करें।
✅बड़ी हैरानी की बात है कि बड़े-बड़े पोल, तार और ट्रांसफार्मर धरातल पर फर्जी तरह से खड़े हैं और लगातार फर्जी तरह से विद्युत सप्लाई होकर फर्जी ट्यूबवेल सैकड़ो की संख्या में उक्त क्षेत्र में चल रहे हैं,लेकिन फिर भी बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को जांच के नाम पर मामले को टरकाने और शिकायतकर्ताओं को दबाने के लिए साक्ष्य चाहिए,आखिर इससे बड़ा साक्ष्य क्या होगा,जिसमें सब कुछ धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
✅अब देखने वाली बात होगी कि इस बार भी जालसाज और बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या फिर 2023 की तरह,इस बार भी पैसे और रसूख के दम पर फिर से पीड़ित किसानों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवा कर फिर से समन शुल्क और राजस्व निर्धारण के नाम पर लाखों की वसूली की जाती है

