सिधौना : खुशखबरी! पाइपलाइन से हर घर एलपीजी पहुंचाने के लिए उपक्रम शुरू, बिहारीगंज में बड़ी मशीनों ने शुरू किया कामब्यूरो चीफ गाजीपुर संवाददाता विशाल सिंह सैदपुर सिधौना। अब शहरों की तर्ज पर गाजीपुर के लोगों को भी प्राकृतिक रसोई गैस के लिए नंबर लगाने और सिलिंडर के लिए इंतजार करने की झंझट से जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। इसके तहत जिले की सीमा पर खानपुर से पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। इसके साथ ही मुख्यालय तक रसोई गैस की मेन पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया है और इसके लिए काम भी शुरू हो गया है। मंगलवार की दोपहर 2 बजे बाहर से आई मशीनों से बिहारीगंज में खुदाई का कार्य करते हुए पाइपें भी डाली जा रही हैं। ऐसे में इस सुविधा के शुरू होने के बाद जनपदवासियों को गैस सिलेंडर की बुकिंग और लंबी लाइनों का झंझट खत्म हो जाएगा और घर-घर पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचेगी। गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने की लंबी-लंबी लाइनों से अब जल्द ही छुटकारा मिल सकता है। जिले भर में घर-घर तक गैस पहुंचाने के लिए सीयूजीएल (सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड) अब तेजी से अपने पैर पसार रहा है। नगर से लेकर गांव में भी अपनी सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। अब सिलेंडर बुकिंग और भारी सिलेंडरों को उठाने व रखने से भी निजात मिल जायेगी। इसमें खुशखबरी ये है कि इसकी शुरूआत खानपुर क्षेत्र से हो रही है। गाजीपुर शहर के हर गली और मोहल्लों के साथ ही जिले के हर गांव तक सीयूजीएल अपनी पाइप लाइन बिछाएगा। तकनीक और सुविधाओं के दौर में हर रोज नए कदम बढ़ रहे है। ऐसे में जिन सुविधाओं को हम लंबे से लेते चले आ रहे हों अब उनमें भी बदलाव हो रहा है। हमारे घरों में पकने वाला भोजन अब गैस सिलेंडर अचानक खत्म होने की वजह से बनने से नही रुकेगा और न ही एलपीजी का इंतजार करना पड़ेगा। सीयूजीएल अपनी गैस पाइप लाइन जनपद के हर छोटे और बड़े हिस्से तक पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। जिसके चलते हमारे चूल्हे से आग का जलना बंद नहीं होगा। लोगों को यह सुविधा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से लोगों की घरों तक प्राकृतिक गैस पहुंचाई जायेगी। कार्यदायी संस्था के निरीक्षक राजू प्रसाद ने बताया कि अडानी ग्रुप के इस प्रोजेक्ट को पांच निजी कंपनियों द्वारा 8 इंच मोटी पाइप बिछाई जा रही है। वाराणसी डिपो की पाइप लाइन सर्विस जिले में खानपुर से प्रवेश कर मुख्यालय तक जायेगा। इसके बाद जिले में अनुमानित चार स्टेशन और दो दर्जन सब स्टेशन बनेंगे। इसके बाद हर गांव के हर घर तक गैस पहुंचाई जाएगी। हालांकि हर रसोई तक पाइप लाइन गैस पहुंचने में अभी तीन से चार साल लग सकते हैं।

