सूरज गुप्ता
सिद्धार्थनगर।

आयुक्त एवं निदेशक उद्योग उ0प्र0 कानपुर के पत्र सं0- 196 दिनांक 26.05.2028 द्वारा प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के पारम्परिक कारीगरी जैसे बढ़ई, नाई, लोहार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई एवं दर्जी आदि का उगम के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु लक्ष्य आवंटित किये गये है, जिसमें ट्रेड से सम्बन्धित कारीगरों को 10 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण
एवं कार्य को सफल संचालन हेतु आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत किस्म के टूलकिट उपलब्ध कराये जायेगें। प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णत निःशुल्क है। प्रदेश की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में जनपद सिद्धार्थनगर हेतु 875 का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसने बढ़ई 50, नाई 50, लोहार 25, टोकरी बुनकर 25, राजमिस्त्री-50, हलवाई-200 एवं दर्जी 425 आदि ट्रेड सम्मिलित है। योजना आधार प्रमाणीकरण के आधार पर आनलाइन मोड में संचालित की जा रही है, जो मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पोर्टल की महत्वपूर्ण योजनाओं में भी सम्मिलित है। अतः जनपद सिद्धार्थनगर के पारम्परिक कारीगरों को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक पात्र कारीगर एवं हस्तशिल्प कारीगर विभागीय वेवसाइट https://diupmsme.upsdc.
gov.in दिनांक 30.06.2025 तक निर्धारित किया गया था। जिसे दिनांक 19.07 2025 तक बढ़ा दिया गया है। अत: आवेदन दिनांक 19.07.2025 सांय 06 बजे तक स्वीकार किये जायेगें। योजना की पात्रता की शर्तें निम्न है

  1. आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नं0।
  2. बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा आवेदक की पासपोर्ट साइज की फोटो आदि।
  3. आवेदक जनपद का निवासी होना चाहिये।
  4. आवेदक न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिये। आयु की गणना आवेदन करने की तिथि से की जायेगी।
  5. आवेदक को बढ़ई नाई, सोनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई एवं दर्जी आदि ट्रेडों अथवा दस्तकारी व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिये।
  6. योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त किये जाने हेतु किसी प्रकार की शैक्षिक योग्यत्ता आवश्यक नहीं है।
  7. परिवार का केवल एक सदस्य ही योजनान्तर्गत पात्र होगा।
  8. योजनान्तर्गत पात्रता हेतु जाति एक मात्र आधार नहीं होगा। योजना में लाभ प्राप्त करने हेतु ऐसे व्यक्ति भी पात्र होगे, जो परम्परागत कारीगरी करने वाली जाति से भिन्न हो। ऐसे आवेदकों को परम्परागत कारीगरी से जुड़े होने के प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान, अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका/नगर निगम के सम्बन्धित वार्ड के सदस्य द्वारा निर्गत किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  9. इस आशय का शपथ पत्र कि इससे पूर्व में किसी प्रशिक्षण योजना में टूलकिट एवं मानदेय का लाभ नही लिया गया है।
  10. जिनकी उम्र 21 से 40 वर्ष तथा कम से कम आठवीं पास लाभार्थियों को वरीयता के आधार पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में जोड़कर बैंकों के माध्यम से 5.00 रु0 तक बिना ब्याज का 10 प्रतिशत अनुदान एवं गारन्टी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।
    उक्त की जानकारी जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र सिद्धार्थनगर उपायुक्त उद्योग ने दी है।

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