अनूप निषाद कानपुर ब्यूरो चीफ़
एम डी न्यूज बहुयामी समाचार

कानपुर। पिता की मौत के बाद वारिस बनने के लिए भाई का नाम पारिवारिक सदस्यता प्रमाण-पत्र से हटवाने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हड़पने के मामले में कल्याणपुर पुलिस ने शनिवार को मां-बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि दोनों ने झूठे हलफनामे, फर्जी हस्ताक्षरों और गलत जानकारी के आधार पर न सिर्फ परिवारिक सदस्यता प्रमाण-पत्र बनवाया, बल्कि बिजली कनेक्शन भी अपने नाम से करा लिया था।

भाई ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई थी FIR

मूल रूप से कैलाश विहार, आवास विकास निवासी अमोघ शर्मा ने बताया कि उनके पिता अनिल कुमार शर्मा ने 13 जून 2016 को अपनी 242 वर्गमीटर की संपत्ति उनके नाम वसीयत की थी। 1 मार्च 2019 को पिता का निधन हो गया, जबकि मां की मृत्यु पहले ही 2017 में हो चुकी थी। अमोघ का कहना है कि उनकी बहन निधि शर्मा उर्फ निधि तिवारी (निवासी जवाहर नगर) और उनके बेटे अक्षत त्रिपाठी ने मिलकर यह साजिश रची।

फर्जी दस्तावेजों से हटवाया भाई का नाम

अमोघ का आरोप है कि बहन निधि ने अन्य बहनों—रिचा और पारुल—के फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए झूठा शपथ पत्र बनवाया और उसी के आधार पर 2022 में नया पारिवारिक सदस्यता प्रमाण-पत्र तैयार करवा लिया, जिसमें से अमोघ का नाम ही गायब कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में रोली अग्रवाल और उज्ज्वल सक्सेना नाम के दो लोगों ने गवाह बनकर सहयोग किया।

पुलिस ने की कार्रवाई, जेल भेजे गए आरोपी

अमोघ ने थाने से लेकर पुलिस कमिश्नर तक इस धोखाधड़ी की शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर 19 फरवरी 2023 को कल्याणपुर थाने में मामला दर्ज हुआ। अब करीब ढाई साल बाद इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी निधि शर्मा उर्फ तिवारी और उनके बेटे अक्षत त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी नामजदों की तलाश जारी है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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