ग्राम पंचायत नैनोद रविवार को नारी शक्ति और सांस्कृतिक आस्था की मिसाल बना, जब यहां लाड़ली बहना कलश यात्रा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सरपंच सुरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में 2000 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और कलश के साथ भाग लेकर गांव की संस्कृति, श्रद्धा और सामाजिक एकता का अद्वितीय प्रदर्शन किया।

पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ आरंभ हुई यात्रा गांव की गलियों से गुजरती हुई आस्था की जीवंत तस्वीर बन गई। सिर पर कलश और मन में उत्साह लिए महिलाओं की यह यात्रा पूरे ग्राम क्षेत्र में एक भक्ति और ऊर्जा का संचार करती रही।
इस दौरान सतेंद्र गुप्ता और प्रिया गुप्ता की उपस्थिति विशेष रूप से चर्चा में रही, जिन्होंने न केवल यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाई बल्कि बहनों के स्वागत और व्यवस्थाओं में भी योगदान दिया।

कार्यक्रम की भव्यता को और अधिक विशिष्टता प्रदान की उन विशिष्टजनों की उपस्थिति ने, जिन्होंने न केवल इस आयोजन को सफल बनाया बल्कि अपने विचारों और सहयोग से इसे यादगार बना दिया। आयोजन में सत्येंद्र गुप्ता, प्रिया गुप्ता, सुखविंदर सिंह, नंदराज वाघमारे, आनंद पांचाल, विनय वर्मा, मनीष शर्मा, डॉ. स्वप्निल रिछारिया, विजय शर्मा, सुनील राठौर, हरप्रीत सिंह, मनोहर गौड़, ललित पिंपलकर, धर्मेंद्र पटेल, दीपक पटेल, जितेंद्र मकवाना, प्रकाश चंद्र सिसोदिया, रविंद्र पटियाल, संजय सक्सेना, अर्पण विप्रदास, परमजीत कौर, करमजीत कौर, ज्योति तिवारी, नंदा वाघमारे, हेमा पांचाल, बसकर्ना साध, अनुराधा राजपूत, पुष्पमाला मिश्रा, योगिता जैन* और भुवनेश्वरी कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता दर्ज की।

इस मौके पर सरपंच सुरेंद्र सिंह सोलंकी ने भावुक होकर कहा,

यह आयोजन केवल परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान और समाज की एकता का प्रतीक है। मैं चाहता हूँ कि यह परंपरा हर वर्ष ऐसे ही जीवंत बनी रहे। इस रक्षाबंधन पर मेरे पास 1000 से अधिक बहनें राखी बांधने आएंगी, और मैं गर्व से प्रत्येक से राखी बंधवाऊंगा।

कार्यक्रम के सफल संचालन और जनभागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि जब संकल्प और समर्थन एक साथ होते हैं, तो कोई भी आयोजन सिर्फ यादगार नहीं, इतिहास बन जाता है।

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