
MD न्यूज़ से सोनू पटेल कि रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी ब्लॉक नकहा में शारदा नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने और बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। जिससे ग्राम पंचायत बेलवा, भंगहा, उमरिया, कालीपुरवा, जिगनिया,उरदहा और बंजरिया सहित कई ग्राम पंचायत के मजरों के घरों में पानी भर गया। और हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं। स्थानीय किसान अपनी रोजी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर हैं। और उन्हें हर साल इस बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। प्रशासन द्वारा राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। बेलवा प्रधान पुत्र उमेश वर्मा व लेखपाल रामसूरत द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लंच पैकेट बाटे गए। और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का प्रशासनिक अधिकारी एस डी एम अश्वनी कुमार क्षेत्रीय कानूनगो जागेस्वर प्रसाद , बेलवा लेखपाल रामसूरत जिगनिया लेखपाल रवि प्रकाश मिश्रा, द्वारा निरीक्षण किया गया। और ग्रामीणों को फसल नष्ट का मुआवजा देने को कहा गया। बाढ़ के कारण पशुओं के लिए चारा और भूसा भी उपलब्ध नहीं है। जिससे किसानों को और भी परेशानी हो रही है।ग्रामीण प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं। कि उन्होंने समय रहते बाढ़ से बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। जिससे स्थिति और खराब हो गई है। तराई क्षेत्र के इन गांवों में हर साल बाढ़ आती है। और किसान हर बार इस समस्या से जूझते हैं। और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों का कहना है। फसल नष्ट में करोड़ों रुपया हर साल मुहावजे में दिया जाता है। इससे कहीं बेहतर है कि बंधे का निर्माण कर दिया जाए।और इस बाढ़ की समस्या से क्षेत्र को बचाया जा सके।
