बाराबंकी,शहर से सात किलोमीटर दूरी पर स्थित मौथरी गांव की मस्जिद इमामिया में आखिरी पैगंबर मोहम्मद ए मुसतफ़ा स.व. और इमाम ए जाफ़र सादिक अ. स. के जन्मदिवस के अवसर पर अज़ादाराने मौथरी की ओर से महफ़िल जश्ने मसर्रत का आयोजन किया गया महफ़िल का प्रारंभ हदीसे किसा से किया गया उसके बाद शायरों ने नात मनकबत पढ़ कर अपनी अकीदत का इज़हार किया ज़ाकिरे अहलेबैत जनाब अली अब्बास साहब ने मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईश्वर ने सर्वप्रथम मोहम्मद साहब का नूर पैदा किया लेकिन आख़िरी पैगम्बर बनाकर भेजा जो समस्त संसार के लिए मार्गदर्शक बनकर आए इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर इस शुभ दिन की बधाइयां दी आज़ादाराने मौथरी के सदस्यों ने आए हुए समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट तेज बहादुर शर्मा।
