विद्या भारती सनातन धर्म सरस्वती शिशु वाटिका में विविध गतिविधियों का आयोजनबहु आयामी समाचार एमडी न्यूज़ वॉइस ब्यूरो चीफ लखनऊ मंडल मोहम्मद आमिर 13 सितंबर लखीमपुर-खीरी।विद्या भारती विद्यालय सनातन धर्म सरस्वती शिशु वाटिका में आज वंदना सभा के अवसर पर हिन्दी दिवस कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारम्भ शिशु वाटिका प्रमुख हीरा सिंह द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन से किया गया। उन्होंने बच्चों को हिन्दी दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने हिन्दी को भारत की राजभाषा का दर्जा दिया था। तभी से प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हिन्दी भाषा की समृद्धि, उसकी व्यापकता और राष्ट्रीय एकता में उसके योगदान को स्मरण करने का अवसर है।इस अवसर पर विद्यार्थियों के मध्य सुलेख प्रतियोगिता एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। हीरा सिंह ने कहा कि शिक्षक का सुलेख ही उसकी पहचान है और बचपन में दिए गए संस्कार जीवनभर साथ रहते हैं। यदि बच्चों का लेखन प्रारम्भ से ही सुधारा जाए तो वे उत्कृष्ट लेखन शैली विकसित कर सकते हैं।कार्यक्रम की संयोजिका ममता गुप्ता ने भी हिन्दी दिवस के महत्व पर अपने विचार रखते हुए सभी को मातृभाषा के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने का आह्वान किया।सभी शिक्षिकाओं के सहयोग से सम्पन्न इस आयोजन में विजयी भैया-बहनों को पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई। कार्यक्रम का समापन सामूहिक वन्देमातरम् के साथ हुआ।

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फतेहपुर: रेडक्रॉस सोसाइटी ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए जीवन रक्षा और सामाजिक जागरूकता के गुर MD NEWS बहुआयामी समाचार। रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर फतेहपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर आज राजकीय महिला महाविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स के लिए एक वृहद जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान और डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में यह कार्यक्रम रेडक्रॉस भवन में संपन्न हुआ। अभियान का नेतृत्व रेडक्रॉस के चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया:टीबी जागरूकता: मुख्य वक्ता डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने कैडेट्स को टीबी बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज से टीबी उन्मूलन में सहयोग करने का आह्वान किया।जल संरक्षण: डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने पानी की हर बूंद को कीमती बताते हुए स्कूलों/घरों में ‘वाटर बेल’ लगाने और आरओ (RO) से निकलने वाले वेस्ट पानी को एकत्र कर उपयोग में लाने की अपील की। इस दौरान जल संरक्षण जागरूकता निवेदन पत्रक भी बांटे गए।नशामुक्ति संकल्प: कैडेट्स को जागरूक करते हुए वक्ताओं ने कहा, “हमारा शरीर डस्टबिन नहीं है।” तंबाकू से कैंसर और अत्यधिक अल्कोहल से लिवर की गंभीर बीमारियां होती हैं। इसके बाद सभी कैडेट्स ने खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को प्रेरित करने की शपथ ली।सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण: डॉ. अनुराग ने आपातकालीन स्थिति में जान बचाने के लिए ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का दिल काम करना बंद कर दे, तो 1 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को 1 मिनट में 120 बार दबाव व 8 बार मुंह से सांस (30 बार दबाव और 2 बार सांस का चक्र) देकर और 1 वर्ष से छोटे बच्चे को 1 मिनट में 60 बार दबाव व 8 बार सांस देकर जीवन बचाया जा सकता है।इस सफल आयोजन में रेडक्रॉस के कार्यकारिणी सदस्य चैतन्य कुमार और प्रबंध समिति सदस्य उमेश कुमार श्रीवास्तव ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।