संवाददाता अर्पित कुमार त्रिवेदी
हरगांव सीतापुर — सहकारी गन्ना विकास समिति लि०, हरगांव में दस दिवसीय समिति स्तरीय सर्वे सट्टा प्रदर्शनी सुधार मेला धूम धाम से प्रारंभ हुआ।इस मेले का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने फीता काटकर किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदर्शनी स्थल पर लगे विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण कर समिति के व्यवस्थाओं की सराहना की और अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।इस मेले में किसानों को अपनी तिरसठ कॉलम खतौनी देखने का अवसर मिल रहा है। इसमें उनके खेतों की माप,गन्ना रकबा और पैदावार सम्बन्धी विवरण दर्ज हैं। किसान मौके पर ही आंकड़ों का मिलान कर सकते हैं और यदि किसी प्रकार की त्रुटि मिलती है तो तत्काल सुधार के लिए आवेदन दे सकते हैं। समिति प्रशासन का कहना है कि सही आंकड़े दर्ज होने से न केवल किसानों को समय पर गन्ना पर्ची व गन्ना मूल्य भुगतान मिल सकेगा,बल्कि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होगी।मेला उद्घाटन के दौरान कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की पहली प्राथमिकता किसानों का हित है।उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि किसानों से जुड़ी नीतियों में किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। किसान खुशहाल होगा तभी देश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा।”मंत्री ने गन्ना मिल के अधिशाषी उपाध्यक्ष को निर्देश दिया कि किसानों की सुविधा हेतु समिति में कंप्यूटरीकृत काउंटर स्थापित किए जाएं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऑन लाइन आवेदन करें और अपने खेतों के सही आंकड़े दर्ज कराएं, ताकि उन्हें लाभ समय पर मिल सके।समिति सचिव आनन्द प्रकाश दुबे ने बताया कि यह प्रदर्शनी मेला पच्चिस सितम्बर तक चलेगा।वहीं तीस सितम्बर तक मात्र इक्किस रुपये के शुल्क पर किसानों को समिति की सदस्यता दिलाई जाएगी और उपज बढ़ोत्तरी रसीद भी काटी जाएगी।कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि दिनेश मिश्र,ब्लॉक प्रमुख प्रति निधि कमलेश वर्मा, संचालक अवधेश सिंह,समरबहादुर सिंह प्रदीप सिंह,गन्ना निदेशक अनुपम शुक्ला,ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक राजदेव कपिल, अधिशाषी उपाध्यक्ष शरद सिंह,महाप्रबंधक संजीव राना,समिति के लिपिक मो०यूनुस खां सहित समिति व चीनी मिल के अधिकारी- कर्मचारी मौजूद रहे।प्रदर्शनी मेले में किसानों की भीड़ उमड़ी और उन्होंने इसे अपने लिए अत्यन्त उपयोगी बताया।

