नजीबाबाद। श्री रामलीला मंडल नजीबाबाद द्वारा कार्यक्रम 2025 के अंतर्गत श्री राम जानकी कला परिषद नजीबाबाद द्वारा 19 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित रामलीला मनचंन के अंतर्गत अध्यक्ष राकेश कुमार अग्रवाल सी के आई वाले चंद्रा हाउस ,मंत्री नरेंद्र कुमार देव ज्वैलर्स चौक बाजार नजीबाबाद के संरक्षण में और हरिओम सिंधल के निर्देशन में मंगलवार 23 व 24सितंबर को बीती रात्रि श्री राम वनवास की लीला का आयोजन किया गया । आपको बता दें कि सर्वप्रथम गणेश वंदना और श्री रामायण पाठ के द्वारा श्री रामलीला का शुभारंभ हुआ ।अयोध्या जी में भगवान श्री राम जी को राजतिलक की तैयारी की जा रही थी जिसको लेकर माता केकई बहुत प्रशन थी कि मेरा राम राजा बनेगा यह बात माता के केकई द्वारा अपनी दासी मंथरा को बताईं गईं । यह सुनकर दासी मंथरा ने केकई को यह समझाया कि आप राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांग लीजिए जिनका उन्होंने वचन आपको दे रखा है ।उन वरदान में अपने पुत्र भरत को अयोध्या का राजा और श्री राम को 14 वर्ष का वनवास मांग लीजिए माता केकई द्वारा राजा दशरथ से यह दोनों वरदान मांगे गए। जिसपर बड़े दुखी मन से राजा दशरथ ने रघुकुल की मर्यादा का मान रखते हुए भगवान राम को वनवास देने का वचन दिया और भरत को अयोध्या का राजा बनाने का वचन दिया भगवान श्री राम अपने पिता का वचन निभाने के लिए 14 वर्ष के लिए वनवास के लिए तैयार हुए ।माता-पिता की आज्ञा लेकर वनवास के लिए श्री राम जी जाने लगे उनके साथ उनकी पत्नी माता सीता और भाई लक्ष्मण ने भी वनवास को जाने की बात कही ।लाख समझने के बाद भी माता-सीता और लक्ष्मण जी नहीं माने हार कर भगवान श्री राम ने वनवास के लिए माता सीता और लक्ष्मण को साथ ले जाने की सहमति दी ।भगवान राम के वनवास जाने पर अयोध्या वासी बड़े दुखी हुए और अयोध्या वासियों ने भगवान राम को आंखों में आंसू लेकर दुखी मन से वन के लिए विदा किया।

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