दो लाख मछली के बच्चों को नदी में छोड़ा

जिला संवाददाता -विशाल गुप्ता
बाराबंकी। घाघरा नदी स्थित संजय गांधी सेतू पर मंगलवार को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2 लाख मत्स्य अंगुलिकाओं (मछलियों के बच्चे) को घाघरा नदी में छोड़ा गया।
विधान परिषद सदस्य अंगद सिंह ने पैकेटों के माध्यम से मछलियों के बच्चों का संचय किया। इस पहल का उद्देश्य नदियों की स्वच्छता बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और जलीय पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना है। एम एल सी अंगद सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप घाघरा नदी के संतुलन को बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रजातियों की मछलियों के बच्चे छोड़े गए हैं। ये मछलियां बड़ी होकर नदी के जल प्रदूषण को जैविक रूप से नियंत्रित करने में मदद करेंगी।
सदस्य विधान परिषद अंगद सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा नदियों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन हेतु यह कार्य किया जा रहा है जिससे मछलियों का उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ मछुआ समुदाय के निर्बल व्यक्तियों को रोजगार के अधिक संसाधन भी उपलब्ध होंगे l जनपद के मुख्य कार्यकारी अच्छे लाल निषाद ने बताया कि 2 लाख रोहू कतला नयन प्रजाति की मत्स्य अंगुलिकाओं का क्रय उपरोक्त योजना अंतर्गत उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम की अयोध्या हैचरी से किया गया l ज्ञातव्य हो कि नदियों में मछलियों की कमी ना रहे इसके लिए प्रतिवर्ष मत्स्य विभाग द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है l
इस अवसर पर मत्स्य अधिकारी विवेक निगम, मत्स्य निरीक्षक हेमंत कुमार वर्मा, कार्यालय की वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार,अब्दुल मन्नान प्रधान लैन, तथा मड़ना के पूर्व प्रधान दिनेश सिंह सहित तमाम मत्स्य पालक उपस्थित रहेl
