लखीमपुर खीरी संवाददाता अजय कुमार

ब्लॉक बिजुआ के ग्राम बस्तौली में बन रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (अकैडमी) के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बिल्डिंग के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। मानक के अनुरूप न तो ईंटें हैं और न ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता। कार्य सिर्फ कागज़ों में पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर सब कुछ खाना-पूर्ति और दिखावा मात्र है स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार एवं संबंधित जिम्मेदार सदस्य इस निर्माण कार्य से मालामाल हो रहे हैं, जबकि शासन और प्रशासन के अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। ऐसी लापरवाही से रोजाना हादसे होने की संभावना बनी रहती है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह आवासीय भवन कितने दिन टिक पाएगा?
ग्रामीणों के बीच यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को भ्रष्टाचार की नजर लग गई है, और योजनाओं पर जमकर पानी फेरा जा रहा है। सरकार की छवि को धूमिल करने का यह गंभीर प्रयास माना जा रहा है।
ज्ञात हो कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय योजना की शुरुआत वर्ष 2004-05 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना था। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं को मुफ्त आवास, भोजन, वजीफा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है।
यह योजना बालिकाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही है। लेकिन यदि इसी योजना में भ्रष्टाचार पनपता रहा, तो यह शिक्षा के अधिकार और बेटियों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ होगा। स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी से मांग की है कि इस निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के भ्रष्टाचार का दुस्साहस कोई न कर सके
हमारी टीम इस पूरे मामले की पड़ताल जारी रखे हुए है। आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय निर्माण में भ्रष्टाचार की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। यह बहुत ही गंभीर मामला है और इसकी जांच होना बहुत जरूरी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जो कि बहुत ही निंदनीय है। शासन और प्रशासन के अधिकारियों को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जैसी महत्वपूर्ण योजना में भ्रष्टाचार पनपना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।
जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी से मांग की गई है कि इस निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हमें उम्मीद है कि इस मामले में न्याय होगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
