खुशियों और करुणा से सजा खत्री महिला संगठन का 34वां स्थापना दिवस
मूक-बधिर बच्चों संग गूँजी संवेदना और स्नेह की धुन
बहु आयामी समाचार एमडी न्यूज़ वॉइस ब्यूरो चीफ लखनऊ मंडल मोहम्मद आमिर 13 नवंबर
लखीमपुर,सेवा, स्नेह और संवेदना की त्रिवेणी उस समय साकार हो उठी जब खत्री महिला संगठन ने अपने 34वें स्थापना दिवस के साथ बाल दिवस का उल्लास मूक-बधिर विद्यालय के नन्हे-मुन्नों संग बाँटा।स्थापना वर्ष 1991 से समाजसेवा और नारी सशक्तिकरण का पर्याय बन चुका यह संगठन इस बार अपने उत्सव को करुणा के रंग में रंगता हुआ नज़र आया।“बाइट्स एंड बियोंड” रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम की आराधना और दीप प्रज्वलन से हुआ — मानो मानवता के पथ को आलोकित करने का प्रतीक बन गया हो।बच्चों ने मंच पर रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, उनकी हँसी और उमंग ने पूरे वातावरण को मधुर बना दिया।संगठन की बहनों ने बच्चों के साथ केक काटा, खेल खेले और उपहार बाँटकर बाल दिवस की निश्छलता में स्वयं को डुबो दिया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र कुमार तोलानी व सुनीता तोलानी, साथ ही विद्यालय परिवार के प्रधानाचार्य श्री वर्मा, शिक्षिका सरिता एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।संगठन की परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी समाजसेवा व सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने वाले हस्ताक्षरों को सम्मानित किया गया।सेठ गया प्रसाद ट्रस्ट की ऐतिहासिक रामलीला परंपरा को आगे बढ़ाने वाले विपुल सेठ व अनामिका सेठ, कैलाश नाथ सेठ व किशोरी सेठ, विपुल सेठ व प्रीति सेठ, अमित सेठ तथा अभिषेक सेठ को विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया।संगठन की वरिष्ठ पदाधिकारी सविता चोपड़ा ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन की 34 वर्षों की यात्रा को “संवेदना की निरंतर साधना” बताया।कार्यक्रम की आयोजिका वंदना बत्रा ने अपने प्रतिष्ठान पर बच्चों के लिए जलपान और मनोरंजन की सुंदर व्यवस्था की।संगठन की अध्यक्षा रश्मि महेन्द्रा ने वंदना बत्रा, सुरेन्द्र कुमार तोलानी व सुनीता तोलानी को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।इस अवसर पर अध्यक्ष रश्मि महेन्द्रा और सचिव कविता शेखर ने कहा“हमारा स्थापना दिवस केवल संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का संस्कार है।हम विश्वास करते हैं कि प्रेम, एकता और सहयोग ही समाज की सच्ची शक्ति हैं।

