लाखों खर्च के बावजूद कचरा प्रबंधन ठप आरआरसी सेंटर के पास सफाई व्यवस्था ठप

रिपोर्ट–शाबान सिद्दीकी

लखीमपुर खीरी।लखीमपुर ब्लॉक की पीरपुर ग्राम पंचायत में बना आरआरसी (रिकवरी एंड रीसाइक्लिंग सेंटर) सालों से बंद पड़ा है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद कचरा प्रबंधन की सेवाएं बाधित हैं। सेंटर के नाडेप पिट्स में कचरा नहीं है।आरआरसी सेंटर के पास सफाई व्यवस्था भी ठप।
आरआरसी सेंटर बनने के बाद से आज तक इसका ताला नहीं खुला है। सेंटर के नाडेप पिट्स में कचरा नहीं बाहर सिर्फ घास उग रही है। ग्राम प्रधान और सचिव की कथित उदासीनता के कारण कचरा प्रबंधन की सेवाएं ठप हैं।
लखीमपुर खीरी के पीरपुर ग्राम पंचायत में रिकवरी एंड रीसाइक्लिंग सेंटर (RRC) के बनने के बाद से बंद पड़े होने के कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं:
पर्यावरण को नुकसान कचरा प्रबंधन न होने से कूड़ा-कचरा इधर-उधर फैलता है, जिससे वायु, जल और मिट्टी प्रदूषित होती है। नाडेप पिट्स में कचरे के बजाय घास उगना इस बात का संकेत है कि सूखे और गीले कचरे के प्रसंस्करण के लिए लाखों का निवेश बेकार चला गया है।
स्वास्थ्य संबंधी खतरे खुले में पड़े कचरे के कारण ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
सरकारी धन की बर्बादी: लाखों रुपये खर्च करके सेंटर बनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे सरकारी धन बर्बाद हो रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन को धक्का यह स्थिति सरकार के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के ग्रामीण चरण-2 के उद्देश्यों को कमजोर करती है, जिसका लक्ष्य गाँवों को कचरा मुक्त बनाना है।
ग्राम प्रधान और सचिव की जवाबदेही पर सवाल प्रधान और सचिव की कथित उदासीनता के कारण कचरा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवा ठप है, जो उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़ा करती है।
ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने और इस स्थिति को सुधारने के लिए जिला प्रशासन और पंचायत राज विभाग को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।

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