‘सारेगामापा’ से विधानसभा तक: मैथिली ठाकुर ने रचा इतिहास, बनीं सबसे कम उम्र की विधायक
रिपोर्ट -पुनीत शुक्ला

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर ने इतिहास रच दिया है। मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्होंने अलीनगर सीट से 11,730 मतों के अंतर से जीत हासिल कर राज्य की सबसे कम उम्र की विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया। उनका मुकाबला राजद के विनोद मिश्रा और जन सूरज पार्टी के विप्लव कुमार चौधरी से था।मैथिली की पहचान राजनीति में आने से पहले ही एक लोकप्रिय गायिका के रूप में बन चुकी थी। मधुबनी जिले के संगीत परिवार में जन्मी मैथिली को बचपन से ही लोक व शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण मिला। उनके दादा और पिता ने हारमोनियम और तबला सहित विभिन्न विधाओं में उन्हें निखारा। प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए उनका परिवार दिल्ली के द्वारका आ गया, जहां मात्र 10 वर्ष की उम्र में मैथिली ने जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देना शुरू किया।मधुबनी की रहने वाली मैथिली बचपन से संगीत से जुड़ी रहीं। ‘सारेगामापा लिटिल चैंप्स’, ‘इंडियन आइडल जूनियर’ और ‘राइजिंग स्टार’ जैसे मंचों पर उन्होंने राष्ट्रीय पहचान बनाई। सोशल मीडिया पर भी उनके लोकगीत और रामचरितमानस की प्रस्तुतियाँ खूब पसंद की जाती हैं।तुलसीदास रचित रामचरितमानस और मैथिली लोकगीतों की उनकी प्रस्तुतियों ने उन्हें सांस्कृतिक जगत में अलग पहचान दिलाई। मधुबनी कला और लोक परंपराओं को मंच से जोड़कर आगे बढ़ाने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।वर्ष 2019 में उन्हें मधुबनी का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया था।राजनीति में सक्रिय कदम रखते हुए मैथिली ठाकुर ने 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी ने उन्हें अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया—और आज वे विजयी होकर विधायक बन चुकी हैं। उनकी जीत से समर्थकों और प्रशंसकों में उत्साह का माहौल है।
