एम डी न्यूज़
बरेली में नाइजीरिया और सूडान के दो छात्रों ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) लुधियाना का फर्जी पंजीकरण प्रमाणपत्र बनाया था। वीजा अवधि बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान इसका इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करने का प्रयास किया। बरेली पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ तो दोनों छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वीजा अवधि में विस्तार के लिए फर्जीवाड़ा के आरोपी नाइजीरिया के छात्र युसूफ बाला को बारादरी थाना पुलिस ने बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस फर्जीवाड़ा में युसूफ का सहयोग करने वाले छात्र अयूब की गिरफ्तारी के लिए अब बृहस्पतिवार को पुलिस टीम पंजाब जाएगी। कुछ औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण बुधवार को पुलिस टीम की रवानगी नहीं हो सकी।युसूफ ने सिटी यूनिवर्सिटी लुधियाना पंजाब में 31 जनवरी को बीसीए कोर्स में प्रवेश लिया। इसके बाद 19 जुलाई को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी (रुहेलखंड विश्वविद्यालय) बरेली में बीएमएस प्रथम वर्ष में प्रवेश ले लिया। उसकी वीजा अवधि 22 दिसंबर 2025 तक वैध है।युसूफ ने छात्र वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया, जिसके संबंध में गोपनीय जांच एवं जानकारी से यह पाया गया कि युसूफ द्वारा पूर्व में जब सिटी यूनिवर्सिटी लुधियाना से रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बीएमएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया गया तो नियमानुसार विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) अमृतसर से स्थानांतरण पंजीकरण प्रमाण/अनुमोदन प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना था, लेकिन उसके द्वारा बिना अनुमोदन प्रमाण पत्र के ही रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले लिया गया। यूनिवर्सिटी के होस्टल में उसके साथ रहने वाले कुछ विदेशी छात्रों से भी पूछताछ की गई है।एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जांच की जा रही है। यूसुफ का सहयोग करने वाले छात्र को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।
रिपोर्टर गौरव कुमार एम डी न्यूज़ बरेली ।

