मस्तियापुर तालग्राम कन्नौज से वाइस ब्यूरो चीफ अखिलेश राजपूत की रिपोर्ट
मस्तियापुर तालग्राम कन्नौज/बताते चलें कि जनपद कन्नौज तहसील छिबरामऊ ब्लॉक तालग्राम ग्राम पंचायत टिकरी कलसान गांव मस्तियापुर में श्रीमद भागवत कथा में रुक्मिणी ने भगवान कृष्ण को अपना पति मान लिया था और शिशुपाल से विवाह से बचने के लिए श्रीकृष्ण को संदेश भेजा, जिसके बाद श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर लिया और द्वारका लाकर रुक्मणि के साथ विवाह कर लिया
विवाह से पहले: रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं, जिन्हें बचपन से ही श्रीकृष्ण से प्रेम था। रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था, जो श्रीकृष्ण का विरोधी था। इस विवाह को रोकने के लिए, रुक्मिणी ने एक सखी के माध्यम से श्रीकृष्ण को संदेश भेजा कि यदि उनका विवाह श्रीकृष्ण से नहीं हुआ तो वह अपने प्राण त्याग देंगी।
श्रीकृष्ण का हरण: संदेश मिलते ही श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे। जब शिशुपाल विवाह के लिए द्वार पर आया, तो श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर लिया।
युद्ध और विवाह: रुक्मिणी के भाई रुक्मी ने श्रीकृष्ण का पीछा किया, लेकिन श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के बीच हुए भयंकर युद्ध में श्रीकृष्ण विजयी हुए। इसके बाद, श्रीकृष्ण रुक्मिणी को द्वारका ले आए और वैदिक रीति से उनका विवाह संपन्न कराया।
विवाह स्थल: मस्तियापुर तालग्राम कन्नौज को भी भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह स्थल के रूप में संपन्न कराया गया।
परीक्षित रामसती राजपूत पत्नी मुन्नू सिंह राजपूत
सदस्यगण -सुनील कुमार राजपूत, रामदत्त राजपूत, चौआ राजपूत, मनोज कुमार राजपूत, राजेश राजपूत, छुन्नू सिंह राजपूत, जगमोहन राजपूत, सुमित कुमार राजपूत, अनुज कुमार राजपूत, पत्रकार अखिलेश राजपूत समस्त सदस्यगण आदि लोग की मौजूदगी में शास्त्री अंकित माधव जी के मुखार बिंदु से श्रीमद भागवत कथा संपन्न हुई। बहुआयामी समाचार पत्र



