मोहम्मद सलमान
जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख बाराबंकी (एमडी न्यूज चैनल )
बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम सुरसण्डा निवासी इम्तियाज़ बाबा के पुत्र मोहम्मद सुहेल ने मदरसा इस्लामिया सुन्नतुल उलूम, शहाबपुर में पढ़ाई करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। सुहेल के शिक्षक कारी तनवीर आलम ने बताया कि सुहेल शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है, इसी लगन के चलते उसने मात्र तीन वर्ष में नाज़िरा और हिफ्ज पूरा कर एक बड़ी मिसाल कायम की है। गांव के ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए कहा कि कई दशकों बाद गांव को एक नया हाफ़िज मिला है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। सुहेल के पिता इम्तियाज़ बाबा ने कहा कि अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि हमारे बेटे को यह नायाब तोहफा मिला। यह हमारे परिवार और गांव दोनों के लिए सम्मान की बात है। मौलाना फैजान अहमद ने कहा कि हर घर में दीनी शिक्षा का वातावरण होना चाहिए और हिफ्ज की डिग्री हासिल करना हर मोमिन के लिए मुकद्दस अमल है। डॉ. तुफैल अहमद वारसी ने बताया कि सुहेल की इस कामयाबी से पूरा गांव प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि सुरसण्डा गांव का यह गर्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां हज़रत मखदूम शाह रहमतुल्लाह अलैह का मशहूर आस्ताना शरीफ भी स्थित है। कार्यक्रम में मदरसा प्रबंधक हाजी एजाज़ अंसारी, मौलाना फैजान अहमद, डॉ. तुफैल अहमद वारसी, समाजसेवी जव्वाद खान, मोहम्मद इक़बाल, मोहम्मद अशीर, मोहम्मद आफ़ताब, अरमान, शहबान, इस्तियाक, समीर सहित मदरसा के शिक्षक व तमाम छात्र मौजूद रहे।

