बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसीम रज़ा, मानवाधिकारों के संरक्षण पर दिया जोर

गाजीपुर। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को एम.ए.एच. इंटर कॉलेज में ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार एंड एंटी करप्शन मिशन’, गाजीपुर टीम के तत्वावधान में एक भव्य जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और मानवीय मूल्यों की रक्षा करना था।

गोष्ठी की अध्यक्षता मिशन के जिला अध्यक्ष हाजी डॉ. इस्तियाख ने की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसीम रज़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में मानवाधिकारों की महत्ता, वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता और समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारियों पर विस्तृत प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में प्रशासन और समाज सेवा से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथियों में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती गीता श्रीवास्तव, चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक संतोष सिंह, साइबर सेल कॉन्स्टेबल शुभम सिंह, सुलह अधिकारी (ज़मानिया) चंदन कुमार, सेंटर मैनेजर (कस्टमर केयर) प्रियंका प्रजापति और पैरा लीगल वॉलंटियर उजाला श्रीवास्तव शामिल रहीं। इसके अलावा, संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुमताज अहमद, राष्ट्रीय संरक्षक खान जियाउद्दीन मोहम्मद कासिम, प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार, प्रदेश सचिव (अधिवक्ता प्रकोष्ठ) महबूब आलम, प्रदेश महासचिव सैफ सिद्दीकी और जिला महासचिव नैय्यर सम्दानी ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।

अतिथियों ने मानवाधिकारों की सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, बाल अधिकार और महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जागरूक नागरिक ही एक सुरक्षित समाज की नींव रख सकते हैं। एम.ए.एच. इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल खालिद अमीर ने शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों के महत्व पर बात की।

कार्यक्रम का सफल संचालन जहांगीर अंसारी ने किया। गोष्ठी को सफल बनाने में संगठन के समर्पित सदस्यों—ईश्वर चंद्र, मोहम्मद काज़ी रशीद, हिमांशु, सत्येंद्र, असलम, राहुल कुमार, रेहान, लियाकत, फ़करुल हसन और इमरान हाफ़िज़ी—ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त नाहिद सुल्तान खान और रामबाबू सैनी का भी विशेष सहयोग सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के छात्र-छात्राओं और उपस्थित स्थानीय नागरिकों ने मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। गोष्ठी का समापन इस मुख्य संदेश के साथ हुआ कि “मानवाधिकारों का सम्मान ही सभ्य समाज की पहचान है।”

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