बाराबंकी डफरपुर मजरे सैदनपुर गांव निवासी फते बहादुर रावत की पत्नी मुनिशरा रावत के पेट में दर्द रहता था वह 5 दिसंबर को पत्नी को लेकर श्री दामोदर औषधालय पहुंचे इस क्लिनिक को पूर्व प्रधान ज्ञान प्रकाश मिश्रा व उनके भतीजे विवेक मिश्रा चल रहे थे ज्ञान प्रकाश मिश्रा ने फते बहादुर से मुनिसरा के पेट दर्द को पथरी बताया और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी और ऑपरेशन का खर्च 25000 रुपए बताया इसके बाद मरीज के पति फते बहादुर ने ₹20000 एडवांस जमा कर दिए इसके बाद अस्पताल के संचालक ज्ञान प्रकाश मिश्रा और उनके भतीजे विवेक मिश्रा ने यूट्यूब पर पथरी के ऑपरेशन का वीडियो देखकर मुनिसरा का ऑपरेशन किया इस दौरान महिला के पेट में गहरा आपरेशन का चीरा लगने से शरीर के अंदर कई महत्वपूर्ण नशें कट गई और मुनिशरा की हालत बिगड़ती चली गई और दम तोड़ दिया इसके बाद रात तकरीबन 11:00 बजे परिजन और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को कार्यवाही का आश्वासन देकर जाम खुलवाया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया 7 दिसंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया वहीं आरोपी पूर्व प्रधान ज्ञान प्रकाश मिश्रा और उनके भतीजे विवेक मिश्रा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है पुलिस आरोपियो की तलाश कर रही परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक संचालक ने रुपए देकर मामला रफा दफा करने की कोशिश की लेकिन परिजन कार्यवाही करने पर अडे रहे ग्रामीणों के अनुसार आरोपी ज्ञान प्रदान मिश्रा प्रधान रह चुका है इसके बाद महंत बन गया फिर झोलाछाप डॉक्टर बनकर अवैध क्लिनिक चलाने लगा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को शील कर दिया है कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर संजीव कुमार ने क्लिनिक परिसर पर नोटिस चश्पा कर इसे अवैध घोषित कर दिया है जांच के दौरान आरोपियों के पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं मिली थाना कोठी के इंस्पेक्टर अमित भदौरिया ने बताया कि पति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर

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