हरदोई………..अपर सत्र न्यायाधीश एफएटीसी महिला के न्यायाधीश सुधाकर दुबे ने मंगलवार को दुष्कर्म में दोषी को 10 वर्ष का कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसके बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।संडीला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने 6 अप्रैल 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि 4 अप्रैल को उसकी बेटी गांव के एक बाग में शौच के लिए गई थी।

जहां गांव के ही ललऊ उर्फ लालता प्रसाद ने बेटी को पकड़कर मुंह दबाकर दुष्कर्म किया था। बेटी ने घटना से क्षुब्ध होकर जहर पी लिया था। हालत बिगड़ने पर उसने घटना के बारे में अपनी मां को बताया।
इलाज के लिए बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने ललऊ और राजू मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे है शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि उसका अपराध जघन्य श्रेणी में आता है। उसे अधिक से अधिक दंड दिया जाए।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने ललऊ उर्फ लालता को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। जबकि राजू मौर्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इसके साथ ही अर्थदंड की 80 फीसदी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया

रिपोर्ट पुनीत शुक्ला

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