* एमडी न्यूज़ बहुआयामी समाचार न्यूज़ चैनल जिला रिपोर्टर यूसुफ की रिपोर्ट दिलदारनगर/गाज़ीपुर।जनपद गाज़ीपुर के मिर्चा गांव निवासी प्रखर समाजसेवी, मानवाधिकार कार्यकर्ता, लेखक एवं संपादक डॉ. वसीम रज़ा अंसारी को प्रयागराज की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘गुफ़्तगू’ द्वारा वर्ष 2026 के ‘डॉ. सुधाकर पांडेय अवार्ड’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन्हें समाजसेवा, मानवाधिकार संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा।संस्था के अध्यक्ष डॉ. इम्तियाज़ ग़ाज़ी ने बताया कि इस वर्ष जनपद के चार विशिष्ट व्यक्तियों को यह सम्मान दिया जा रहा है, जिनमें डॉ. वसीम रज़ा अंसारी का नाम विशेष रूप से समाजसेवा और मानवाधिकार के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान के कारण शामिल किया गया है। यह भव्य पुरस्कार समारोह 29 मार्च को प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिहार के राज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सहित कई गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।डॉ. वसीम रज़ा अंसारी का जन्म 07 अक्टूबर 1988 को मिर्चा, गाज़ीपुर में हुआ। वे प्रसिद्ध समाजसेवी मरहूम शेख मोहम्मद अलीम अंसारी के सुपुत्र हैं, जिनसे उन्हें समाजसेवा की प्रेरणा विरासत में मिली। डॉ. वसीम ने हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी भाषाओं में उच्च शिक्षा प्राप्त की है और पत्रकारिता, सामाजिक कार्य एवं मानवाधिकार के क्षेत्र में विशेष दक्षता हासिल की है।वर्तमान में वे राष्ट्रीय मानवाधिकार एंड एंटी करप्शन मिशन से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं तथा कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। वे विशेष रूप से सड़क सुरक्षा अभियान, महिला हुनर रोजगार मिशन, नशा मुक्ति अभियान, महिला सशक्तिकरण, अल्पसंख्यक अधिकार और भ्रष्टाचार विरोध जैसे विषयों पर जिले ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।एक कुशल लेखक और संपादक के रूप में भी डॉ. वसीम रज़ा अंसारी की पहचान स्थापित है। वे सामाजिक विषयों पर लेखन एवं संपादन के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उनके सामाजिक योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है।‘डॉ. सुधाकर पांडेय अवार्ड’ की घोषणा से गाज़ीपुर जनपद में हर्ष का माहौल है। यह सम्मान न केवल डॉ. वसीम रज़ा अंसारी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि जनपद के लिए भी गौरव की बात है। उनका जीवन और कार्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को न्याय, सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए निरंतर समर्पित है।

